{ लखनऊ से तबरेज़ कज़िलबाश की रिपोर्ट }
कोरोना वायरस के चलते देश भर में आज लॉकडाउन का ग्यारहवाँ दिन है जहाँ एक तरफ़ जनता लॉकडाउन के चलते घरों के बाहर नहीं निकल रही है और पूरी तरह से लॉक डाउन का पालन कर रही है जिसके चलते हैं अब आवारा पशुओं के खाने के लाले पड़ गए है।

सड़क पर टहल रहे आवारा पशु गाय और स्ट्रीट डॉग्स की सभी लॉकडाउन के चलते भुखमरी की कगार पर है, पहले जिस तरह से सड़क किनारे कूड़े में अपना भोजन तलाश लेते थे वहीं कोरोना वायरस के चलते ही राजधानी लखनऊ में हर दिन सफ़ाई हो रही है जिसके चलते हैं ना तो कूड़ा है और न ही पशुओं को खाने का भोजन मिल पा रहा है।

वहीं लखनऊ में कुछ लोग ऐसे भी हैं जो अपना और अपने परिवार के साथ इन आवारा पशुओं का भी ख्याल रख रहे हैं ऐसे ही हमारी मुलाक़ात कैंपवेल रोड पर मनीष श्रीवास्तव और उनके भाई से हुई जो लखनऊ में सड़क पर टहल रहे आवारा जानवरों का भी ख्याल रख रहे हैं और हर दिन उन्हें कुछ खाने को देते हैं।

जैसे की आवारा पशु मनीष श्रीवास्तव और उनके भाई को देखते ही दौड़कर उनके पास आ जाते हैं क्योंकि उन्हें पता है अब कुछ खाने को मिल जाएगा इस मौक़े पर मनीष श्रीवास्तव ने कहा कि आवारा पशु ख़ुद इस सोच में पड़े हैं कि अचानक से मनुष्य कहाँ चले गए और इतना सन्नाटा कैसे हो गया।

वही सभी लोगों से अपील करते हुए कहा कि लोग अपने घर में बचा हुआ खाना इन पशुओं को ज़रूर खिलाएं क्योंकि हम तो खाने का बंदोबस्त कर सकते हैं लेकिन ये खाना कहाँ से लाएंगे। घर में जो भी सब्ज़ी बनती है उसके छिलके घर के बाहर रख दें और एक प्याले में पानी भर के रख दे ताकि आवारा पशु अगर कोई गुज़रे तो वो अपनी प्याज़ बुझा सके और पेट भर सके।