{ अनुज की रिपोर्ट }
बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग में घोटाले पर सूबे के मुख्यमंत्री सख्त हुए। पुष्टाहार घोटाले में 10 अफ़सरों के खिलाफ जांच के आदेश दिए गए है।
तत्कालीन निदेशक राजेंद्र कुमार सिंह के खिलाफ कार्रवाई के लिए नियुक्ति विभाग उत्तरप्रदेश में फाइल भेजी गई है और 9 की जांच राज्य पोषण मिशन के निदेशक को दी गयी।
बंद हो गई योजना में तीन माह का पुष्टाहार लेकर सरकार को 18.75 करोड़ का चूना लगाने का मामला है।
दरअसल राजीव गांधी किशोरी बालिका सशक्तिकरण योजना 31 मार्च 2018 को बंद हो गई थी लेकिन बंद होने के बाद भी तत्कालीन निदेशक आर.के सिंह ने वर्ष 2018 में मंगा लिया था।
मई, जून और जुलाई माह का पुष्टाहार कागजों में मंगा कर किया गया था बड़ा घोटाला। तीन माह के पुष्टाहार के नाम पर किया गया था 18.75 करोड़ रुपये का घोटाला और दागी कंपनियां कर रही है सूबे में पुष्टाहार सप्लाई का काम।