पन्नाः रैपुरा रेंज के ग्राम मक्केपाला में एक अनोखा नजारा देखने को मिला, जहां एक तेंदुआ और बछड़ा करीब 15 घंटे तक एक ही कुएं में फंसे रहे। हैरानी की बात यह रही कि शिकारी माने जाने वाले तेंदुए ने बछड़े को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया।

वन विभाग ने सूझबूझ से रेस्क्यू कर दोनों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। तेंदुए को जंगल की ओर छोड़ा गया, जबकि बछड़े को उसकी मां से मिलवाया गया। पन्ना जिले के दक्षिण वनमण्डल क्षेत्र की रैपुरा रेंज अंतर्गत अलौनी बीट के ग्राम मक्केपाला में वन विभाग ने एक बेहद अनोखा और सफल रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा किया।
दरअसल यहां एक तेंदुआ और एक बछड़ा एक ही कुएं में गिर गए थे और करीब 15 घंटे तक साथ फंसे रहे। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि तेंदुआ, जो सामान्यतः बछड़े का शिकारी माना जाता है, उसने उसे कोई नुकसान नहीं पहुंचाया। बल्कि कई बार बछड़ा तेंदुए की पीठ पर बैठता और कभी उसके पास जाकर उसे चाटता नजर आया। तेंदुआ भी शांत बना रहा। वन विभाग ने लकड़ी के लट्ठों और रस्सियों से अस्थायी सीढ़ी तैयार की, जिससे तेंदुआ सुरक्षित बाहर निकल सका।
पूरी रणनीति इस तरह बनाई गई कि बाहर निकलते ही तेंदुआ गांव की ओर न जाकर सीधे जंगल की तरफ चला जाए। वहीं बछड़े को भी सुरक्षित बाहर निकालकर उसकी मां से मिलवा दिया गया।
पन्ना से संवाददाता राजेश रावत की रिपोर्ट