पार्टी के नेता आनंद शर्मा ने ट्वीट कर कहा, यह गंभीर राष्ट्रीय चिंता का विषय है क्योंकि इसका राष्ट्रीय सुरक्षा पर गंभीर प्रभाव पड़ता है। सरकार को तत्काल देश को विश्वास में लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि संसदीय लोकतंत्र में सरकार से उम्मीद की जाती है कि वह राजनीतिक दलों को जमीनी स्थिति के बारे में जानकारी दे।
वहीं कांग्रेस के प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने अपने बयान में कहा कि चीनी सेना की ओर से लद्दाख में तीन स्थानों पर की गई घुसपैठ की खबरों ने पूरे देश में गंभीर चिंता और व्यग्रता पैदा कर दी, लेकिन सीमा पर घुसपैठ के तथाकथिक चीनी दुस्साहस पर मोदी सरकार ने मौन साध लिया है।
उन्होंने कहा कि भारत की सुरक्षा और क्षेत्रीय अखंडता से कोई समझौता नहीं किया जा सकता। सुरजेवाला ने कहा कि पिछले पांच दशकों में भारत-चीन सीमा पर हमारे सैनिक शहीद नहीं हुए थे। चीनी सेना के हाथों भारतीय सेना के एक अधिकारी और दो सैनिकों की शहादत पूरी तरह से अप्रत्याशित और अस्वीकार्य है।