सुप्रीम कोर्ट की अवमानना के दोषी करार दिए गए वकील प्रशांत भूषण को सुप्रीम कोर्ट ने सजा सुनाई है। कोर्ट ने कहा कि भूषण ने न्याय प्रशासन की संस्था की प्रतिष्ठा को कलंकित करने का प्रयास किया है और उनके ऊपर एक रूपये का सांकेतिक जुर्माना लगाया है।
न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा, न्यायमूर्ति बी आर गवई और न्यायमूर्ति कृष्ण मुरारी की तीन सदस्यीय पीठ ने दोषी अधिवक्ता प्रशांत भूषण को सजा सुनाते हुए कहा कि जुर्माने की एक रुपये की राशि 15 सितंबर तक जमा करानी होगी।
प्रशांत भूषण को सजा सुनाए जाने के बाद कवि कुमार विश्वास ने ट्वीट करते हुए अपनी बात कही है। उन्होंने लिखा है कि मीलॉर्ड चाहें तो प्रशांत भूषण की सजा को थोड़ा और बढ़ा सकते हैं।
मीलॉर्ड चाहें तो #PrashantBhushan की सजा को थोड़ा और बढ़ा सकते हैं, अपने हालिया आदेश में सिर्फ़ यह जोड़कर की @pbhushan1 एक रुपये को “चार चवन्नी” के रूप में जमा कराएँ 😂🇮🇳🙏
(और हाँ शुद्ध परिहास के इस ट्वीट को Contempt न मान लें 😳😢🙏😜)— Dr Kumar Vishvas (@DrKumarVishwas) August 31, 2020
अपने हालिया आदेश में सिर्फ़ यह जोड़कर की प्रशांत भूषण एक रुपये को ‘चार चवन्नी’ के रूप में जमा कराए। इसके साथ ही उन्होंने लिखा है कि और हाँ शुद्ध परिहास के इस ट्वीट को Contempt न मान लें।
बता दें, सुप्रीम कोर्ट की ओर से सजा सुनाए जाने के बाद भूषण ने कहा कि वह एक रुपये का जुर्माना जमा करेंगे। न्यायालय ने 14 अगस्त को अधिवक्ता प्रशांत भूषण को न्यायपालिका के खिलाफ दो अपमानजनक ट्वीट के मामले में आपराधिक अवमानना का दोषी माना था।