{ श्री अचल सागर जी महाराज की कलम से }
आज के समय में देश दो फ्रंट पर लड़ाई लड़ रहा है। एक तरफ तो देश में रोज 90 हज़ार से अधिक कोरोना के मरीज मिल रहे है वहीं लद्दाख के इलाके में हमारी भारतीय सेना चीन के एजेंडे से लड़ रही है।
दरअसल जब ये पूरा देश कोरोना नाम की महामारी से लड़ रहा था उसी समय चीन ने भारत के खिलाफ एक नई साजिश की रचना की और लद्दाख के इलाके में उसकी सेना ने घुसपैठ शुरू कर दी।
उसका पता हमे तब पता चला जब खबर आई की गलवान घाटी में भारत के वीर जवानों ने 60 चीनी सैनिकों को मार दिया और हमारे भी 20 जाबांज सैनिक मारे गए। गलवान के इलाके में चीन की सेना अपना बेस बनाने की कोशिश कर रही थी।
आज अगर देखा जाए तो चीन के साथ बातचीत की सभी कोशिश नाकाम हो गई है और हमारी वीर सेना पहाड़ों की ऊंचाई पर दुर्गम स्थानों में पुरे जोश के साथ टिकी हुई है।
इस समय संसद का मानूसन सत्र भी चल रहा है। देश के पीएम मोदी ने भी सत्र की शुरुआत में एक ही बात बोली की देश को इस समय अपने वीर जवानों के साथ खड़े होने की जरुरत है और इसी से उनका मनोबल बढ़ेगा।
अगर देखा जाए तो आज भी कई लोग सेना को लेकर राजनीति कर रहे है जो की अच्छी बात नहीं है। हमारे वीर जवान उन दुर्गम चोटियों पर बड़ी कठिनाई के साथ डटे हुए है और इस समय सेना को लेकर कोई भी राजनीति करना ठीक नहीं है।
अगर आज हमें चीन के घमंड को चकनाचूर करना है तो सेना के जवानों के साथ खड़ा होना होगा और उनके लिए अपनी आवाज़ को एक करना होगा ताकि पुरे मनोबल से सेना इस बार चीन के घमंड का संहार कर सके और जो हिस्सा हमारा चीन के पास है उसे आजाद करवा सके।
आज देश को पीएम मोदी और उनके द्वारा कही गई बात पर गौर करने की जरुरत है और आज ना सिर्फ कोरोना की लड़ाई में बल्कि चीन के खिलाफ लड़ी जा रही इस लड़ाई में भी देश और उसके जवानों के साथ खड़ा होना होगा।