ईरान औऱ अमेरिका के बीच तनाव के दौरान यूक्रेन का विमान तेहरान से उड़ान भरने के कुछ देर बाद ही हादसे का शिकार हो गया था। इस घटना के बाद ईरानी सरकार ने कहा था कि इस हादसे में उसकी कोई गलती नहीं है। लेकिन अब यूक्रेन के विमान हादसे में ईरान ने अपनी गलती को स्वीकार कर लिया है। यूक्रेन ने ईरान की ओर से गलती स्वीकार करने के बाद तीखी प्रतिक्रिया दी है। यूक्रेन ने कहा है कि अब सच बाहर आ गया है ईरान मृतकों के शव हमें सौंपे और घटना पर हर्जाना दे।
लेकिन इस हादसे पर अब ईरान की आर्मी का कहना है कि विमान उनके मिलिटरी एरिया की तरफ बढ़ रहा था, जिसकी वजह से गलती हुई। लेकिन कुछ रिपोर्ट ऐसी भी है जो ईरान के दावों के उलट है, ऐसा लगता है की ईरान अभी भी कुछ छिपा रहा है।
आपको बता दें कि तेहरान से उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद यूक्रेन का विमान क्रैश हो गया था। जिसके बाद ईरान ने कहा था कि इस हादसे में उसका कोई हाथ नहीं है और इसकी जांच के लिए भी हस्तक्षेप से इनकार कर दिया था। अपनी गलती छिपाने के लिए ईरान ने अमेरिका पर दोष मढ़ने की कोशिश भी की थी। ईरान के विदेश मंत्री जवाद जरीफ ने कहा था कि अमेरिका के कारण खराब परिस्थिति में यह मानवीय भूल हुई। इस विमान हादसे में 176 यात्रियों की मौत हो गई थी।
दूसरी तरफ ईरानी मीडिया में चल रहे आर्मी के बयानों की मानें तो उन्होंने प्लेन को दुश्मन का समझा था जिसके कारण ऐसी गलती हुई। एक अधिकारी ने साफ किया कि गंभीर हालातों के बीच बोइंग 752 मिलिटरी एरिया की तरफ मुड़ा था, जिसकी ऊंचाई और ऐंगल देखकर उसे दुश्मन का विमान समझा गया औऱ अनजाने में विमान को मार गिराया गया।
वहीं ईरान के इस्लामिक रेवॉल्यूशनरी गार्ड कॉपर्स के अधिकारी ने दावा किया है कि इस मामले में दोषियों को बक्शा नहीं जाएगा और उन्हें न्यायिक प्रक्रिया के तहत कड़ी सजा मिलेगी। ब्लूमबर्ग ने गूगल के हवाले से रिपोर्ट दी है कि सैटेलाइट फोटोज में विमान के रास्ते के आसपास कोई मिलिटरी बेस नहीं दिख रहा था। जहां विमान से संपर्क टूटा वहां एक पॉवर प्लांट और इंडस्ट्रियल पार्क है इसके अलावा काफी इलाका खाली है। फ्लाइट ट्रैकिंग सर्विस फ्लाइट रडार 24 के मुताबिक, प्लेन तय रास्ते पर बढ़ रहा था और इसी बीच हादसे का शिकार हो गया।