साल की शुरुआत में हुए दिल्ली दंगों में बारे में दिल्ली पुलिस की जांच लगातार आगे बढ़ रही है और इस मामले में कई लोगों से पूछताछ चल रही है। आम आदमी पार्टी के पार्षद ताहिर हुसैन इस मामले में पहले ही स्वीकार कर चुके है की उन्होंने पूरी योजना बनाई थी और अब पुलिस इस मामले की भी जांच कर रहे है की कहीं लोगों के भड़काऊ भाषण के कारण तो हिंसा नहीं हुई ?
इसी जांच के दायरे में अब जेएनयू के पूर्व छात्र उमर खालिद भी आ गए है। आपको बता दे कि दिल्ली में हुई हिंसा मामले की जांच में शामिल होने के लिए उमर खालिद को बुलाया गया था. उमर से पूछताछ भी की गई थी और पुलिस को यह लगता है की उन्होंने ऐसे भड़काऊ बयान दिए जिसकी वजह से हिंसा फैली थी।
अब पुलिस की पूछताछ होने के बाद उमर खालिद को अपनी गिरफ़्तारी का डर सताने लगा है। दरअसल बीजेपी सरकार में बने कानून यूएपीए के तहत गिरफ्तारी से डर के कारण उमर खालिद ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर को चिट्ठी लिखी है।
उमर खालिद ने कहा है कि वह कभी भी ताहिर हुसैन से नहीं मिला है। साथ ही उसने कहा है कि वह कभी भी पीएफआई कार्यालय में नहीं आया। वहीं पुलिस सूत्र का कहना है कि उमर खालिद दिल्ली पुलिस पर दबाव बना रहा है ताकि पुलिस उसे गिरफ्तार न करे।
ज्ञात हो, दिल्ली में हुए दंगों की जांच में जो अब तक बाते सामने आई है उसके मुताबिक पूरी योजना बनाकर दिल्ली के दंगों को अंजाम दिया गया था।