लंदन: ब्रिटेन में कोरोना वायरस का नया स्ट्रेन मिला है, जिसके बाद वैज्ञानिकों और दुनिया के लोगों में खौफ और हड़कंप है। ब्रिटेन ने भी अपने यहां सख्ती को बढ़ा दिया है। इसके मद्देनजर ब्रिटेन में सबसे सख्त लॉकडाउन लागू किया गया है। ब्रिटेन के स्वास्थ्य मंत्री मैट हैनकॉक ने चेतावनी दी है कि लंदन महीनों तक लॉकडाउन के अधीन रह सकता है क्योंकि टीकाकरण शुरू होने तक कोरोना वायरस के अत्यधिक संक्रामक होने के कारण उसे काबू में रखना बहुत मुश्किल होगा।
मैट हैनकॉक ने कहा है कि टियर-4 इलाकों में रहने वाले लोगों को इस तरह से व्यवहार करना चाहिए कि उनके पास वायरस हो सकता है। यही एकमात्र तरीका है, जिससे हम इसे नियंत्रण में रख सकते हैं। स्थिति बहुत गंभीर है और वायरस के नए प्रकार ने इसे और अधिक कठिन बना दिया है। बता दें कि टियर-4 सबसे कड़ा प्रतिबंध है, जिसे ब्रिटेन के कुछ इलाकों में लगाने का एलान किया गया है।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, रविवार को उनकी टिप्पणी के कुछ ही समय बाद ब्रिटिश राजधानी और दक्षिण पूर्व इंग्लैंड के कुछ हिस्सों में टियर-4 के प्रतिबंध लागू हो गए। नए प्रतिबंध 30 दिसंबर तक लागू रहेंगे।
ब्रिटेन के जिन इलाक़ों में टियर-4 के प्रतिबंध लागू हैं, वहां लोगों को अपने घरों में ही रहने, जरूरत न होने पर घर से बाहर नहीं निकलने, अपने इलाके से बाहर न जाने और दूसरे इलाकों के लोगों से न मिलने के लिए कहा गया। साथ ही इन इलाकों में घर से बाहर निकल कर सार्वजनिक जगहों पर एक व्यक्ति केवल एक ही व्यक्ति से मुलाक़ात करने के लिए कहा गया है।
स्वास्थ्य सचिव मैट हैनकॉक ने कहा कि हमें नए संस्करण के प्रसार को नियंत्रित करने के लिए सभी अलग-अलग उपाय अपनाने होंगे। पुराने संस्करण के कोरोना के संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए यही मूलभूत समस्या रही। हैनकॉक ने ऐसे लोगों की भी आलोचना की जो चौथे चरण के लॉकडाउन लागू करने से पहले लंदन से फरार हो गए, यह पूरी तरह से गैर-जिम्मेदाराना हरकत है।
प्रधान मंत्री बोरिस जॉनसन ने लंदन, दक्षिण-पूर्वी और पूर्वी इंग्लैंड में क्रिसमस के कार्यक्रम को प्रभावी रूप से रद्द कर दिया क्योंकि रविवार आधी रात से इस क्षेत्र में दो सप्ताह के लिए लॉकडाउन लागू कर दिया गया है। बोरिस जॉनसन ने स्पष्ट किया कि क्रिसमस इस बार पहले से अलग होगा। उन्होंने कहा कि पहले जो योजना तैयार की गई थी, उसके अनुसार इस बार हम क्रिसमस नहीं मना सकते।
लंदन स्थित इंपीरियल कॉलेज के डॉ. एरिक वोल्ज ने कहा कि फिलहाल जो दिखाई दे रहा है, उसके मुताबिक यह बहुत तेजी से फैल रहा है। इस पर नजर बनाए रखने की जरूरत है। उधर, ब्रिटिश सरकार के मुख्य वैज्ञानिक सलाहकार पैट्रिक वालेंस ने कहा कि इसकी मौजूदगी अन्य देशों में भी हो सकती है, लेकिन इसकी शुरुआत ब्रिटेन से हुई है।
ब्रिटेन के पीएम बोरिस जानसन ने पिछले शनिवार को बताया था कि यूके में मिला नया स्ट्रेन करीब 60-70 फीसद तक अधिक संक्रामक है। लिहाजा ये पहले से ज्यादा खतरनाक है। उनके मुताबिक, इसकी वजह से अस्पतालों में मरीजों की संख्या में जबरदस्त इजाफा देखने को मिला है। इटली में जिन दो मरीजों में इस वायरस का नया स्ट्रेन मिला है, वे कुछ दिन पहले लंदन से आए थे। फिलहाल दोनों को आइसोलेशन में रखा गया है।
जर्मनी, फ्रांस, नीदरलैंड समेत यूरोप के कई देशों ने ब्रिटेन की फ्लाइट पर ही बैन लगा दिया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन की ओर से कोरोना के इस नए स्ट्रेन पर अध्ययन किया जा रहा है।