सदियों से भारत के अहम साझीदार रहे नेपाल के साथ भारत की तल्खी बढ़ती जा रही है। दरअसल नेपाल सरकार ने देश के नए राजनीतिक नक्शे में भारत के तीन इलाकों लिंपियाधुरा, कालापानी और लिपुलेख को शामिल किया है।
भारत को नेपाल के इस कदम पर आपत्ति है लेकिन नेपाल ने रविवार को यह नक्शा संसद में पेश कर भी दिया।
दरअसल इन सबकी शुरुआत तब हुई थी जब भारत ने पिछले साल नवंबर में अपना नया नक्शा जारी कर उसमें विवादास्पद कालापानी को भी शामिल कर लिया था।
इसके जवाब में अब नेपाल ने भी भारत के 3 हिस्सों को अपन दिखा दिया है। एक समस्या यह भी है की लिपुलेख 1991 से बाद से ही दोनों देशों के बीच सीमा पर कारोबार का पॉइंट रहा है। नेपाल लिपुलेख पर अपना दावा कर रहा है।
1991 में भारत और चीन के बीच एक समझौता हुआ था और अब नेपाल इस पर दावा ठोंक रहा है तो ये नियमों का हनन है।
जानकारों का मानना है, नेपाल के इस कदम से संबंधो पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। 1990 के बाद कभी भी नेपाल ने इन जगहों पर अपना दावा नहीं किया था।