गोरखपुर में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण पहल हुई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इंडियन मेडिकल एसोसिएशन यानी IMA गोरखपुर के चैरिटेबल ब्लड सेंटर का उद्घाटन किया। तारामंडल क्षेत्र स्थित IMA भवन में करीब 80 लाख रुपये की लागत से तैयार किए गए इस ब्लड सेंटर की क्षमता 400 यूनिट की है। खास बात यह है कि जरूरतमंद मरीजों को ब्लड की उपलब्धता सुनिश्चित कराने में यह सेंटर महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ब्लड बैंक के शुभारंभ को चिकित्सा सेवा के साथ सामाजिक उत्तरदायित्व का महत्वपूर्ण उदाहरण बताया। मुख्यमंत्री ने गोरखपुर में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार, इंसेफेलाइटिस पर नियंत्रण, मेडिकल कॉलेजों के विस्तार, रक्तदान और सुरक्षित रक्त आपूर्ति समेत कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपनी बात रखी। कार्यक्रम में गोरखपुर के महापौर डॉ. मंगेश त्रिवेदी, विधान परिषद सदस्य डॉ. धर्मेंद्र सिंह, विधायक विपिन सिंह, विधायक प्रदीप शुक्ला, विधायक बबिता शुक्ला सहित आईएमए से जुड़े चिकित्सक और अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आईएमए गोरखपुर की पूरी टीम को चैरिटी ब्लड बैंक के शुभारंभ पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि इंडियन मेडिकल एसोसिएशन केवल चिकित्सकों की अखिल भारतीय संस्था नहीं है, बल्कि चिकित्सा पेशे के साथ सामाजिक उत्तरदायित्व निभाने वाली संस्था भी है। गोरखपुर में निःशुल्क ओपीडी के बाद चैरिटी ब्लड बैंक की स्थापना को उन्होंने सेवा भावना का महत्वपूर्ण उदाहरण बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी संस्था की वास्तविक पहचान इस बात से होती है कि वह अपनी विशेषज्ञता और संसाधनों का लाभ समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक किस तरह पहुंचाती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दुनिया अत्याधुनिक तकनीक और चिकित्सा संसाधनों की ओर बढ़ रही है। आधुनिक अस्पताल, दवाएं और चिकित्सा उपकरण उपलब्ध कराए जा सकते हैं, लेकिन रक्त का निर्माण नहीं किया जा सकता। रक्त केवल एक व्यक्ति के स्वैच्छिक दान से दूसरे जरूरतमंद व्यक्ति तक पहुंचता है। उन्होंने कहा कि रक्तदान मानवीय संवेदना का प्रतीक है और किसी जरूरतमंद को जीवन देने का माध्यम बन सकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ब्लड बैंक में ब्लड सेपरेटर यूनिट जैसी सुविधाएं स्थापित होने से अलग-अलग रक्त घटकों की जरूरत पूरी करने में सहायता मिलेगी। खासकर डेंगू जैसी बीमारियों में प्लेटलेट्स की आवश्यकता होती है। ऐसे में ब्लड सेपरेशन और एपरेसिस जैसी सुविधाएं मरीजों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती हैं। उन्होंने आईएमए की इस पहल को पूर्वी उत्तर प्रदेश के जरूरतमंद लोगों के लिए उपयोगी बताया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि एक समय गोरखपुर और पूर्वी उत्तर प्रदेश की पहचान कई नकारात्मक कारणों से जुड़ी हुई थी। उन्होंने कहा कि आज तस्वीर बदली है और गोरखपुर एक नए दौर में आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार को इस बदलाव का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।
कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने पूर्व की सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि एक समय गोरखपुर में चिकित्सकों और व्यापारियों को अपहरण, रंगदारी और धमकी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता था। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि कभी डॉक्टरों का अपहरण होता था, कभी उनसे फिरौती मांगी जाती थी और कभी चिकित्सकों के चेंबर में घुसकर मारपीट की घटनाएं होती थीं। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि वर्तमान में गोरखपुर सहित प्रदेश में चिकित्सक, व्यापारी और आम नागरिक स्वयं को अधिक सुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश की पुरानी छवि का जिक्र करते हुए कहा कि कभी प्रदेश के सामने पहचान का संकट था। उन्होंने कहा कि अलग-अलग जिलों में माफिया के प्रभाव के कारण उत्तर प्रदेश की छवि प्रभावित होती थी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कि उनकी सरकार के कार्यकाल में माफिया पर कार्रवाई के बाद प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति में बदलाव आया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में गोरखपुर की पुरानी स्वास्थ्य व्यवस्था और वर्तमान स्थिति का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि कुछ वर्ष पहले इंसेफेलाइटिस का मौसम आते ही पूर्वी उत्तर प्रदेश के परिवारों में चिंता बढ़ जाती थी। बीआरडी मेडिकल कॉलेज पर मरीजों का भारी दबाव था और सीमित संसाधनों के कारण मरीजों को कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ता था। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज बीआरडी मेडिकल कॉलेज सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं और इंसेफेलाइटिस सहित विभिन्न बीमारियों के उपचार के लिए महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित हुआ है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गोरखपुर में एम्स की स्थापना के साथ मेडिकल शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार हुआ है। उन्होंने गोरखपुर और आसपास के जिलों में मेडिकल कॉलेजों के संचालन का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे लोगों को अपने क्षेत्र में विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हो रही हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या में विस्तार हुआ है और सरकार का लक्ष्य हर जिले में मेडिकल कॉलेज के माध्यम से चिकित्सा सुविधाओं को मजबूत करना है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चिकित्सा शिक्षा में हुए विस्तार का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में एमबीबीएस की सीटें पहले लगभग 4,600 थीं, जो अब 13,500 से अधिक हो चुकी हैं। पीजी सीटों की संख्या में भी वृद्धि हुई है। इसके साथ ही नर्सिंग कॉलेजों और पैरामेडिकल संस्थानों का विस्तार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए डॉक्टरों के साथ प्रशिक्षित नर्सिंग और पैरामेडिकल स्टाफ भी जरूरी है।
मुख्यमंत्री ने चिकित्सा क्षेत्र में तकनीक और अनुसंधान को बढ़ावा देने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि आईआईटी कानपुर के साथ मिलकर मेडटेक के क्षेत्र में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस विकसित किया जा रहा है। एसजीपीजीआई में भी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस विकसित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले समय में चिकित्सा सेवाओं को आधुनिक तकनीक और अनुसंधान से और मजबूत किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने गोरखनाथ चिकित्सालय का उदाहरण देते हुए कहा कि सेवा भावना के साथ चैरिटी में भी गुणवत्तापूर्ण अस्पताल चलाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि जिस अस्पताल की शुरुआत सीमित बेड की योजना के साथ करने की चर्चा हुई थी, उसे स्थानीय चिकित्सकों ने 100 बेड के अस्पताल के रूप में विकसित किया।
उन्होंने कहा कि गोरखनाथ चिकित्सालय ने चैरिटी के माध्यम से स्वास्थ्य सेवा का उदाहरण प्रस्तुत किया है।
मुख्यमंत्री ने चिकित्सकों और आईएमए के सदस्यों से स्वैच्छिक रक्तदान को बढ़ावा देने की अपील की। उन्होंने कहा कि रक्त की मांग के अनुरूप हमेशा आपूर्ति नहीं हो पाती। ऐसे में लोगों को स्वैच्छिक रक्तदान के लिए प्रेरित करने की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री ने चिकित्सकों से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर रक्तदान के लिए जागरूकता अभियान चलाने और समय-समय पर लोगों से रक्तदान की अपील करने को कहा।
मुख्यमंत्री ने रक्त की सुरक्षित आपूर्ति और निर्धारित मानकों के पालन पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि रक्तदान और रक्त आपूर्ति की व्यवस्था में किसी भी प्रकार की अनियमितता को रोकना जरूरी है। उनका कहना था कि चिकित्सकों को जागरूकता कार्यक्रमों के साथ-साथ सुरक्षित रक्त व्यवस्था को मजबूत बनाने में भी अपनी भूमिका निभानी चाहिए। क्योंकि चिकित्सा पेशे में संवेदनशीलता के साथ सजगता और सक्रियता भी जरूरी है।
मुख्यमंत्री ने आईएमए गोरखपुर की पहल की सराहना करते हुए कहा कि जब किसी काम को करने की इच्छा और सेवा का संकल्प हो तो रास्ता निकाला जा सकता है। उन्होंने कहा कि गोरखपुर के चिकित्सकों में क्षमता है और आईएमए का यह ब्लड बैंक उसी क्षमता और सेवा भावना का उदाहरण है। मुख्यमंत्री ने चैरिटी ब्लड बैंक को समाज के जरूरतमंद लोगों के लिए महत्वपूर्ण पहल बताते हुए आईएमए गोरखपुर के सभी पदाधिकारियों और सदस्यों को बधाई दी।गोरखपुर में आईएमए के चैरिटी ब्लड बैंक के शुभारंभ के साथ रक्तदान और सुरक्षित रक्त आपूर्ति को लेकर एक नई पहल शुरू हुई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जहां गोरखपुर में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार को रेखांकित किया, वहीं चिकित्सकों और आम लोगों से स्वैच्छिक रक्तदान को बढ़ावा देने की अपील भी की। रक्तदान से किसी जरूरतमंद को जीवन मिल सकता है और इसी सेवा भावना के साथ आईएमए गोरखपुर का यह चैरिटी ब्लड बैंक अब अपनी सेवाएं शुरू कर रहा है।