बस्ती जनपद में किसान बिल के खिलाफ लगातार धरना प्रदर्शन जारी है। सपा, भाकियु, माकपा समेत अन्य दलों के नेता लगातार किसान बिल का विरोध कर रहे हैं। सपा जिलाध्यक्ष महेन्द्र यादव के नेतृत्तव में शास्त्री चौक पर सैकड़ों सपा कार्यकर्ताओं ने धरना प्रदर्शन कर किसान बिल को वापस लिए जाने की मांग की।
वहीं भारतीय किसान युनियन ने भी जिला पंचायत कार्यालय पर किसान बिल के खिलाफ अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू किया है। माकपा जिलाध्यक्ष केके तिवारी ने महिलाओं के साथ रैली निकाल कर किसान बिल का विरोध किया।
सपा नेता पूर्व मंत्री राम प्रसाद चौधरी ने कहा की सपा के नेता कार्यकर्ता एक हफ्ते से लगातार किसान बिल का विरोध कर रहे हैं। आंदोलन को दबाने के लिए जिला प्रशासन हमारे नेताओं और कार्यकर्ताओं पर मुकदमे दर्ज कर रहा है।
इस कानून से देश के किसानों समेत गरीबों का भी बहुत अहित होने वाला है। सरकार की मंशा केवल पूंजी पतियों के लिए है। इस कानून से देश का किसान बर्बाद हो जाएगा। किसान युनियन के अध्यक्ष दीवान चन्द चौधरी ने कहा कि ये लड़ाई पूरे देश के किसानों की है। किसान को पता चल गया है कि इस बिल से क्या फायदा है क्या नुकसान है।
सरकार परेशान है क्योंकि किसी किसान नेता को तोड़ नहीं पा रही है। इस लिए उन को माओवादी, नक्सल कहा जा रहा है। सरकार के पास कानून वापस लेने के सिवा कोई चारा नहीं है। हमारे नेताओं का इशारा मिलते ही बड़ी संख्या में बस्ती से किसान दिल्ली की तरफ कूच करेंगे।
सरकार को जो मुकदमा लगाना हो लगा दे। अब तो लड़ाई आरपार की होगी। हमारे नेताओं ने कहा है कि 26 जनवरी से पहले अगर ये लड़ाई नहीं बंद हुई, सरकार ने किसान बिल वापस नहीं लिया तो लालकिले पर 26 जनवरी को किसान झंड़ा फहराएंगे।