दिसंबर के महीनें में नागरिकता कानून के पास होने के बाद देश के कई हिस्सों में हिंसा हुई, इनमे भी उप और दिल्ली में तो बड़े पैमाने पर संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया हैं, इन सब हिंसा की जब जांच की गयी तो केरल के इस्मालिक संघटन पॉपुलर फ्रंट ऑफ़ इंडिया का नाम सामने आया।
माना जा रहा है कि नागरिकता कानून पास होने के बाद इस संघठन के कई खातों में 1000 करोड़ से अधिक की राशि जमा की गयी, हाल ही में उप पुलिस ने 20 दिसंबर 2019 को मेरठ समेत कई जिलों में हिंसा कराने वाले चरमपंथी संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के कई सदस्यों को गिरफ्तार किया था और उनसे पूछताछ के दौरान कई अहम राज़ पुलिस के हाथ लगे है।
सामने आया है कि हिंसा कराने में पीएफआई के साथ तीन और संगठन सक्रिय थे, वही सिर्फ इतना ही नहीं जांच में यह भी सामने आया है कि इन सबकी फंडिंग दिल्ली से हुई थी। पीएफआई ने मेरठ के 12 लोगों के खातों में पैसे जमा कराये थे और उसके बाद उन पैसों को बांटा गया जिससे हिंसा में मदद मिल सके।
फिलहाल पुलिस इस मामले की सारी कड़ियों को जोड़ने में लगी है और उम्मीद है कि जल्द ही पुलिस इस मामले में कई और खुलासे कर और लोगों को गिरफ्तार करेगी।