{ पीलीभीत से सरताज सिद्दीकी की रिपोर्ट }
पीलीभीत में अवैध खनन थमने का नाम नही ले रहा है। पहले बीसलपुर कोतवाली में शाहजहापुर के भाजपा नेता एंव जिला सहकारी बैंक के चेयरमैन धमेन्द्र प्रताप सिंह राठौर का अवैध खनन कर रॉयल्टी का घोटाला पकड़ा गया था तो अब कॉग्रेस के एक बड़े नेता की सरपरस्ती में सदर कोतवाली क्षेत्र में अबैध खनन कर 1 करोड़ 33 लाख की रॉयल्टी की चोरी का घोटाला पकड़ा गया है।
दोनों मामलो में रिपोर्ट दर्ज कर करोड़ो का जुर्माना लगया गया है वही डीएम ने एडीएम से खनन का प्रभार हटा कर सिटी मजिस्ट्रेट को सौपा है, मामला पीलीभीत की देवहा नदी के सदर कोतवाली क्षेत्र का है, जिले के एक खनन के शिकायती लाल नाम से मशहूर कॉग्रेस नेता की सरपरस्ती में बरेली के अनिल अग्रवाल कर रहे थे।
इन्होंने अपने खनन पट्टे के अतिरिक्त दूसरे गाटा में 8200 घन मीटर रेत का अबैध खनन कर करोड़ो की रायल्टी का घोटाला कर डाला जिसके बाद प्रशासन ने अनिल अग्रवाल पर एक करोड़ तैंतीस लाख का जुर्माना लगाने के साथ ही सदर कोतवाली में अनिल के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई है ऐसे में सवाल उठता है जब दूसरी जगह से अवैध खनन किया जा रहा था तब प्रशासन ने क्यो नही रोका।
गौरतलब है कि पीलीभीत के बीजेपी विधायक राम सरन वर्मा ने सीएम योगी से अवैध खनन की शिकायत लिखित में की है जिसके बाद अधिकारी अब अवैध खनन करने वाले माफियाओ पर कार्यवाही कर रही है।