1. हिन्दी समाचार
  2. योग और स्वास्थ्य
  3. गर्भवती है तो स्वामी रामदेव से जानिये किन बातों का ध्यान रखना है

गर्भवती है तो स्वामी रामदेव से जानिये किन बातों का ध्यान रखना है

By: RNI Hindi Desk 
Updated:
गर्भवती है तो स्वामी रामदेव से जानिये किन बातों का ध्यान रखना है

हमारे धर्म ग्रंथो में इस समस्त ब्रह्माण्ड का आधार स्त्री और पुरुष के बीच का आकर्षण बताया गया है, उसी के फलस्वरूप संतति जन्म लेती है और सृष्टि का चक्र चलता है। कहते है कि एक स्त्री तभी सम्पूर्ण कहलाती है जब वो मां बनने अनुभव करती है।

एक मां अपने बच्चे को 9 महीनें तक अपनी कोख में पालती है और उसे रक्त से सींचती है, लेकिन कई बार ऐसा भी होता है की एक स्त्री गर्भवती होते हुए भी संतान सुख नहीं ले पाती है क्योंकि उसे अपने और अपने होने वाले बच्चे के रख रखाव को लेकर सटीक जानकारी नहीं होती है।

यह भी पढ़े – क्या है सोरायसिस बीमारी ? जानिये इसे दूर करने का रामबाण उपाय

आज इस लेख में हम आपको स्वामी रामदेव के वो उपाय और आसन बताने वाले है जिनको करके आप अपने बच्चे का और अपना ध्यान रख सकते है। स्वामी रामदेव कहते है कि जो माता बहने धूम्रपान करती है उनके बच्चे का वजन और बच्चों की तुलना में 200 से 400 ग्राम कम होता है।

महिला को शुद्ध और पवित्र होना चाहिए। यदि आप गर्भावस्था के शुरूआती महीने में है तो ऐसे आसन न करें जो मुश्किल हो और पेट के निचले हिस्से पर अधिक दबाव डालते हो।

स्वामी जी कहते है कि आज कल जन्म से ही बच्चे बीमार पैदा हो जाते है। उन्हें गंभीर बीमारी होती है। कई बार तो बच्चों को कैंसर तक हो जाता है।

मानसिक रूप से विकलांग बच्चे पैदा हो रहे है इसलिए माँ को गर्भ अवस्था में अपना ध्यान रखना ज़रूरी है ताकि स्वस्थ बच्चे पैदा हो। ऐसी महिलाओं को धीमा धीमा प्राणायाम करना शुभ रहता है। बीपी कण्ट्रोल करने के लिए और बच्चे को पूरी ऑक्सीजन मिले इसके लिए अनुलोम विलोम करना चाहिए।

यह भी देखिये -स्वामी रामदेव के ये नुस्खे आज़माइये: कभी नहीं आएगा हार्ट अटैक

अंगूठे के नीचे थायराईड का पॉइंट दबाकर इसे कण्ट्रोल करे, गर्भ अवस्था में कोई भी गोली नहीं खाये वरना आपके बच्चे विकलांग पैदा हो सकते है। अगर इस दौरान आपको बुखार आ जाता है तो आप गिलोय का रस पी सकते है।

कई महिलाओं को गर्भावस्था में रक्तस्त्राव की समस्या पैदा हो जाती है जिससे बच्चे पर बहुत बुरा असर पड़ता है ऐसे में उन माताओं को शीशम के पत्ते का रस बड़ा लाभ करता है। इससे उसके गर्भ में पल रही संतान स्वस्थ होगी।

यह भी पढ़िए -खून पतला होने से नहीं होता हैं हार्ट अटैक: जानिये अचूक उपाय

स्वामी जी यह भी कहते है कि महिलाओं को किसी भी ऐसे साहित्य को नहीं देखना चाहिए जिससे उनकी चेतना पर असर पड़ता है क्यूंकि गर्भावस्था में बच्चा माँ से चेतना ग्रहण करता है इसलिए धार्मिक पुस्तकें पढ़े ताकि आपके बच्चे की बुद्धि अच्छी हो। तो आज इस लेख में बस इतना ही, अगले लेख में बात करेगें आपकी सेहत से जुड़े किसी और मुद्दे की।

Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...