रिपोर्ट : मोहम्मद आबिद
हरिद्वार: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वच्छ भारत अभियान देश को स्वच्छ और स्वस्थ्य बनाने का सपना है जो अब हरिद्वार में धराशाई हो रहा है। दरअसल, धर्म नगरी हरिद्वार में हिंदुओं के सबसे बड़े आस्था का पर्व कुंभ मेला शुरू होने वाला है जिसमें लाखों की संख्या में देश और विदेश से श्रद्धालु हरिद्वार मां गंगा में आस्था की डुबकी लगाने आएंगे।
बता दें कि शासन और मेला प्रशासन कुंभ मेले को दिव्य और भव्य बनाने की तैयारियां कर रहा है मगर कुंभ मेले को स्वच्छ कुंभ कराने की तरफ किसी का ध्यान नहीं है, धर्म नगरी हरिद्वार में कूड़े का अंबार लगा हुआ है जगह-जगह कूड़े के ढेर है मगर मेला प्रशासन को यह दिखाई नहीं दे रहे हैं। कुछ दिनों से सफाई कर्मचारी हड़ताल पर थे मगर आज उनकी हड़ताल खत्म हो गई है पर लगता नहीं है कि हरिद्वार के हालात सुधर जाएंगे।

धर्म नगरी हरिद्वार में गंदगी से हमेशा ही स्थानीय लोग और बाहर से आने वाले यात्री परेशान होते हैं मगर गंदगी की साफ सफाई को लेकर कोई भी कार्य हरिद्वार में नहीं होता है कुछ दिनों से हरिद्वार में सफाई कर्मचारी हड़ताल पर थे जिस वजह से हरिद्वार कूड़े का अंबार बन गया आज काफी जद्दोजहद के बाद सफाई कर्मचारियों की हड़ताल खत्म कराई गई मगर अभी भी लगता नहीं है कि हरिद्वार में सफाई व्यवस्था दुरुस्त हो सकेगी।

स्थानीय दुकानदार महिला का कहना है 15 साल मुझे देखते हुए हो गए मेरी दुकान के आगे ही कूड़े का ढेर लगा रहता है, इनका कहना है कि हरिद्वार शहर में पेंटिंग और पुल बन रहे हैं मगर यह हरकी पौड़ी जाने का मेन रास्ता है यहां गंदगी पड़ी रहती है स्थानीय लोगों का कहना है कि बाहर से आने वाले यात्रियों में हरिद्वार की गलत छवि जाती है क्योंकि जब वो आते हैं तो देखते हैं हरिद्वार में काफी गंदगी है स्थानीय लोगों का कहना है कि कुंभ मेला शुरू होने वाला है मगर हरिद्वार के ऐसे हालात है और इसके लिए शासन और प्रशासन जिम्मेदार है।