नई दिल्ली : असम और मिजोरम की सीमा पर 25 जुलाई को हुए खूनि संघर्ष के बीच लगातार दोनों राज्यों में तनाव बढ़ता जा रहा है। इसे लेकर असम ने जहां मिजोरम के सांसद समेत वरिष्ठ अधिकारियों पर केस दर्ज कराया। वहीं मिजोरम ने भी असम के मुख्यमंत्री सहित कई अधिकारियों पर केस दर्ज किया। हालांकि अब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत होता नजर आ रहा है।
दरअसल गृह मंत्री शाह के हस्तक्षेप के बाद असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने मिजोरम के राज्यसभा सांसद के खिलाफ दर्ज मुकदमा वापस लेने का आदेश दिया है। वहीं मिजोरम भी असम के मुख्यमंत्री के खिलाफ दर्ज शिकायत वापस लेने की तैयारी में है। लेकिन अन्य पुलिस अधिकारियों के खिलाफ दर्ज मामलों में आगे की कार्रवाई जारी रहेगी।

आपको बता दे कि मिजोरम के राज्य सभा सांसद वनलालवेना पर पुलिस ने बीती 26 जुलाई को राज्य की सीमा पर हुई हिंसा के बाद FIR दर्ज की थी। सीएम सरमा ने जानकारी देते हुए बताया कि मिजोरम के सीएम की ओर से भी सीमा विवाद को सुलझाने की पेशकश की गई है और असम सरकार भी यही चाहती है ताकि पूर्वोत्तर का जज्बा बना रहे और हमारी सीमाओं पर शांति कायम रहे।
सीमा विवाद सुलझाने की कोशिश
बता दें कि कोलासिब जिले के वैरेंगते नगर में हुई हिंसा के मामले में मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा समेत पुलिस के कई वरिष्ठ अफसरों के खिलाफ मिजोरम में केस दर्ज किया गया है। हालांकि दोनों राज्य अब इस मुद्दे को सुलझाने की कोशिश कर रहे हैं। इसे लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की ओर से भी लगातार कोशिश की जा रही है।
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To take this goodwill gesture ahead, I have directed @assampolice to withdraw FIR against K. Vanlalvena , Honble MP, Rajya Sabha from Mizoram. However cases against other accused police officers will be pursued.— Himanta Biswa Sarma (@himantabiswa) August 1, 2021
आपको बता दें कि रविवार को असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा और मिजोरम के मुख्यमंत्री जोरामथांगा ने फोन पर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से बात की। इसके बाद दोनों ने कहा कि वे मैत्रीपूर्ण तरीके से समस्या सुलझा लेंगे। इसके बाद असम के मुख्यमंत्री ने tweet किया कि वे हिंसा के मामले में मिजोरम के राज्यसभा सदस्य के खिलाफ दर्ज FIR वापस ले रहे हैं। बता दें कि के वनलालवेना मिजोरम से राज्यसभा के एकमात्र सदस्य हैं।