अभिनेत्री कंगना रनौत के ऑफिस में बीएमसी की तोड़फोड़ के मामले में आज हाई कोर्ट में सुनवाई हुई है। रनौत ने हाल में मुंबई की तुलना पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर से की है जिसके बाद शिव सेना नेता संजय राउत और उनके बीच जबानी जंग हुई।
इसी बीच कल जब वो मुंबई पहुंची तो उनके दफ्तर में बीएमसी ने अवैध निर्माण को गिरा दिया।
वही आज कोर्ट ने पूछा कि नगर निकाय के अधिकारी संपत्ति के भीतर क्यों गए जबकि उसकी मालिक वहां मौजूद नहीं थी ? ऐसे ही कई सवालों का जवाब आज बीएमसी ने दाखिल किया।
बीएमसी ने अपने हलफनामा में कार्रवाई को सही बताते हुए कहा कि अवैध निर्माण को गिराया गया और नियमों के तहत कार्रवाई की गई। इसी के अलावा यह भी कहा गया कि अवैध निर्माण के मामले में अदालत को दखल नहीं देना चाहिए।
वहीं बीएमसी के वकील से कहा गया कि 18 सितंबर तक बीएमसी कंगना की दलीलों पर अपना पक्ष रखें और इसी के साथ हाई कोर्ट ने 22 सितंबर तक सुनवाई टाल दी।