भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने प्रदेशवासियों से होली पर्व को भाईचारे की भावना, सामाजिक एकता और उल्लास के साथ मनाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि होली केवल रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि आपसी सद्भाव, प्रेम और सौहार्द का प्रतीक है, जिसे स्वच्छता और पर्यावरण-संरक्षण के संदेश के साथ मनाया जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस वर्ष प्रदेश में होली पर्व को पर्यावरण-संरक्षण के विशेष संदेश के साथ मनाया जाएगा। उन्होंने आमजन से अपील की कि पारंपरिक लकड़ी के स्थान पर गो-काष्ठ आधारित होलिका दहन को अपनाएं, जिससे पर्यावरण संतुलन बना रहे और वृक्षों की अनावश्यक कटाई रोकी जा सके।
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि गो-काष्ठ आधारित होलिका दहन करने वाली संस्थाओं, समितियों और पदाधिकारियों को राज्य सरकार की ओर से प्रशस्ति-पत्र प्रदान किए जाएंगे। इसका उद्देश्य पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाना और गौ-संरक्षण को प्रोत्साहित करना है।
डॉ. मोहन यादव ने बताया कि प्रदेश में ‘स्वच्छ और स्वस्थ होली’ अभियान के तहत सार्वजनिक होलिका दहन के लिए निःशुल्क पंजीयन की व्यवस्था की गई है। इस पहल का उद्देश्य सुरक्षित, व्यवस्थित और स्वच्छ तरीके से होलिका दहन सुनिश्चित करना है, ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना या अव्यवस्था न हो।
मुख्यमंत्री ने सभी नागरिकों से आग्रह किया कि होली पर्व को सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाएं, किसी भी प्रकार के रासायनिक रंगों या हानिकारक पदार्थों के उपयोग से बचें और समाज में प्रेम, सद्भाव और एकता का संदेश फैलाएं। उन्होंने कहा कि स्वच्छ, सुरक्षित और पर्यावरण-अनुकूल होली ही स्वस्थ समाज की पहचान है।