दक्षिण पन्ना वनमण्डल में आयोजित तीन दिवसीय ग्रीष्मकालीन गिद्ध गणना 2026 में औसतन 836 गिद्ध दर्ज किए गए हैं। यह संख्या बीते कई दशकों में गर्मियों के मौसम में दर्ज की गई सबसे अधिक गिद्ध संख्या मानी जा रही है। गणना के पहले दिन 869, दूसरे दिन 847 और तीसरे दिन 792 गिद्ध दर्ज हुए।
वन विभाग के अनुसार अप्रैल 2025 में हुई ग्रीष्मकालीन गणना में गिद्धों की संख्या 575 थी। इस बार दर्ज हुई बड़ी बढ़ोतरी को दक्षिण पन्ना में लगातार किए जा रहे संरक्षण, मॉनिटरिंग और जनजागरूकता अभियानों की सफलता माना जा रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार सामान्यतः गर्मियों के मौसम में गिद्धों की संख्या सर्दियों की तुलना में कम रहती है। इसका मुख्य कारण प्रवासी गिद्ध प्रजातियों का मार्च-अप्रैल के दौरान अपने मूल आवास क्षेत्रों की ओर लौट जाना है। इसके बावजूद दक्षिण पन्ना में बड़ी संख्या में गिद्धों का दर्ज होना क्षेत्र में सुरक्षित आवास और पर्याप्त भोजन उपलब्धता का सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
ग्रीष्मकालीन गणना में मुख्य रूप से चार निवासी गिद्ध प्रजातियां दर्ज की गईं, जिनमें देशी गिद्ध, सफेद गिद्ध, व्हाइट-रम्प्ड गिद्ध और रेड-हेडेड गिद्ध शामिल हैं। इनमें देशी और सफेद गिद्धों की संख्या सबसे अधिक रही।
दक्षिण पन्ना वनमण्डल में बीते डेढ़ वर्षों से गिद्ध संरक्षण को लेकर कई नवाचार किए जा रहे हैं। “वल्चर फ्रेंडली गौशाला सर्टिफिकेशन” अभियान के तहत गौशालाओं, पशु चिकित्सालयों और ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता कार्यक्रम चलाए गए। इस दौरान गिद्धों के लिए हानिकारक दवाओं के उपयोग को रोकने और सुरक्षित विकल्प अपनाने पर जोर दिया गया।
इस वर्ष पहली बार गिद्ध गणना के दौरान विशेष मोबाइल ऐप के माध्यम से डेटा एंट्री की गई। इससे गिद्धों की संख्या, प्रजातियों के वितरण और उनके आवास क्षेत्रों की वैज्ञानिक मॉनिटरिंग को अधिक व्यवस्थित और प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी।
वन विभाग और संरक्षण से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार मॉनिटरिंग, सुरक्षित आवास और जनसहभागिता के कारण दक्षिण पन्ना क्षेत्र गिद्ध संरक्षण का महत्वपूर्ण केंद्र बनता जा रहा है। यह उपलब्धि वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में सकारात्मक संकेत मानी जा रही है।