दिल्ली और NCR में वायु प्रदूषण का स्तर गंभीर रूप से बढ़ चुका है। प्रदूषण के बढ़ते स्तर के कारण सरकार ने ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के तीसरे चरण को लागू करने का निर्णय लिया है। जिसके तहत कई सख्त उपायों का पालन किया जाएगा ताकि वायु गुणवत्ता को सुधारा जा सके और लोगों के स्वास्थ्य को खराब होने से बचाया जा सके।
1. बच्चों के लिए ऑनलाइन क्लासेसः ग्रैप-3 के लागू होते ही दिल्ली और एनसीआर के स्कूलों में क्लास 5 तक के छात्रों के लिए सभी क्लासेस को ऑनलाइन मोड पर कर दिया गया है। यदि वायु प्रदूषण का स्तर और भी खराब होता है, तो ग्रैप-4 लागू किया जा सकता है, जिसके तहत बच्चों और बुजुर्गों को घर से बाहर न निकलने की सलाह दी जाएगी।
2. वाहनों पर कड़े प्रतिबंध: ग्रैप-3 के तहत प्रदूषण की स्थिति को नियंत्रित करने के लिए डीजल से चलने वाली मालवाहक गाड़ियों और कुछ अन्य वाहनों पर प्रतिबंध लगाया गया है।
3. डीजल वाहनों पर रोकः अब से दिल्ली-एनसीआर में डीजल से चलने वाले लाइट 24 मोटर व्हीकल (LMV) और डीजल 4 पहिया गाड़ियों के प्रवेश पर रोक रहेगी। पेट्रोल वाहन: मानक वाले पेट्रोल वाहनों को भी सड़कों पर चलने की अनुमति नहीं होगी।
4. इलेक्ट्रिक और सीएनजी वाहनों को राहतः इलेक्ट्रिक और सीएनजी वाहनों को सड़कों पर चलने की अनुमति रहेगी, वहीं बीएस-6 पेट्रोल और डीजल वाहनों को भी छूट मिलेगी। इसके अलावा, दिल्ली में अंतरराज्यीय बसों (कुछ को छोड़कर) के प्रवेश पर भी प्रतिबंध रहेगा। केवल आवश्यक सामानों को ढोने वाली मालवाहक गाड़ियों को ही दिल्ली में प्रवेश की अनुमति दी जाएगी।
5. निर्माण और कंस्ट्रक्शन पर प्रतिबंध: दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए निर्माण और तोड़फोड़ से संबंधित कार्यों पर भी पाबंदी लगाई गई है।
6. निर्माण स्थल और तोड़फोड़ पर रोकः निर्माण कार्यों और इमारतों को गिराने की प्रक्रिया में धूल के उड़ने से प्रदूषण बढ़ता है, जिससे इसकी रोकथाम के लिए इन गतिविधियों पर सख्त पाबंदी रहेगी।
7. खनन और स्टोन क्रशिंग पर रोकः सभी खनन गतिविधियाँ और स्टोन क्रशिंग के काम भी बंद कर दिए गए हैं।
8. धूल नियंत्रण उपायः सड़क पर उड़ती धूल को नियंत्रित करने के लिए सरकार पानी का छिड़काव करेगी, और विशेष रूप से भीड़-भाड़ वाले इलाकों में धूल को दबाने के उपाय किए जाएंगे।
9. पेंटिंग, वेल्डिंग और अन्य कार्यों पर रोकः पेंटिंग और वेल्डिंगः प्रदूषण नियंत्रण के मद्देनज़र पेंटिंग, वेल्डिंग और गैस कटिंग जैसी गतिविधियों पर भी पाबंदी लगाई जाएगी।
10. सड़क निर्माणः सड़क निर्माण और मरम्मत के कार्यों को भी बंद कर दिया जाएगा।
11. पब्लिक ट्रांसपोर्ट पर ध्यानः सरकार ने पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा देने के लिए दिल्ली मेट्रो की फ्रीक्वेंसी बढ़ाने का निर्णय लिया है। इसके अलावा, अधिक बसों और अन्य सार्वजनिक परिवहन सुविधाओं को उपलब्ध कराया जाएगा ताकि लोग निजी वाहनों की जगह सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करें।
ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) का उद्देश्य दिल्ली और एनसीआर क्षेत्र में वायु गुणवत्ता के स्तर को नियंत्रित करना है, खासकर तब जब वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) ‘गंभीर’ स्तर पर पहुँच जाता है। GRAP का यह तीसरा चरण तब लागू किया जाता है जब प्रदूषण की स्थिति इतनी खराब हो जाती है कि सामान्य उपायों से स्थिति सुधारी नहीं जा सकती।
This Post is written by Shreyasi Gupta