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गोरखपुर बस स्टेशन का होगा कायाकल्प, 90 करोड़ की लागत से PPP मॉडल पर होगा विकास

गोरखपुर के पुराने बस स्टेशन के करीब 90 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से पुनर्विकास की योजना है। करीब 3 एकड़ में PPP मॉडल पर बनने वाले नए बस स्टेशन में यात्रियों की सुविधाओं के साथ कमर्शियल स्पेस भी विकसित किया जाएगा। निर्माण को करीब 24 महीने में पूरा करने का लक्ष्य है, जबकि GDA की मंजूरी के बाद अंतिम डिजाइन तय किया जाएगा।

By: Nivedita 
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गोरखपुर बस स्टेशन का होगा कायाकल्प, 90 करोड़ की लागत से PPP मॉडल पर होगा विकास

गोरखपुर। शहर के पुराने बस स्टेशन को जल्द ही आधुनिक रूप देने की तैयारी है। शासन के पहले चरण में री-डेवलपमेंट के लिए शामिल गोरखपुर बस स्टेशन को करीब 90 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से विकसित किया जाएगा। लगभग 3 एकड़ भूमि पर प्रस्तावित यह परियोजना पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर आगे बढ़ाई जाएगी।

लखनऊ के आलमबाग बस स्टेशन की तर्ज पर विकास की योजना

प्रस्तावित नए बस स्टेशन में यात्रियों और परिवहन निगम से जुड़ी सुविधाओं के साथ व्यावसायिक गतिविधियों के लिए भी स्थान उपलब्ध कराया जाएगा। योजना के अनुसार निचले हिस्से में बस संचालन, प्लेटफॉर्म, पार्किंग और यात्रियों से जुड़ी सुविधाएं विकसित की जाएंगी, जबकि ऊपरी हिस्से का उपयोग व्यावसायिक गतिविधियों के लिए किया जा सकता है। परिवहन निगम के मुताबिक इसे लखनऊ के आलमबाग बस स्टेशन की तर्ज पर विकसित करने की योजना पर काम किया जा रहा है। हालांकि अंतिम कॉन्सेप्ट प्लान को शासन की मंजूरी मिलना अभी बाकी है।

ईगल इंफ्रा इंडिया को मिला काम

बस स्टेशन के पुनर्विकास की जिम्मेदारी मेसर्स ईगल इंफ्रा इंडिया को दी गई है। परियोजना के लिए सॉयल टेस्टिंग का काम पूरा होने की जानकारी दी गई है। कॉन्सेप्ट प्लान को अंतिम स्वीकृति मिलने के बाद निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है। योजना के अनुसार निर्माण चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा, ताकि तैयार होने वाली सुविधाओं का उपयोग धीरे-धीरे शुरू किया जा सके।

24 महीने में पूरा करने का लक्ष्य

प्रस्तावित परियोजना के निर्माण के लिए करीब 24 महीने की समयसीमा निर्धारित की गई है। योजना में लगभग 80 बसों की पार्किंग और प्लेटफॉर्म विकसित किए जाने का प्रस्ताव है। परिवहन निगम के अनुसार निर्माण के अलग-अलग चरणों में सुविधाएं तैयार की जाएंगी और जिन हिस्सों का काम पूरा होता जाएगा, उनका इस्तेमाल शुरू किया जा सकेगा।

 

निर्माण के दौरान बस संचालन बनाए रखना बड़ी चुनौती

बस स्टेशन के पुनर्विकास के दौरान यात्रियों और बसों के संचालन को सुचारु रखना प्रशासन के सामने अहम चुनौती होगी। मौजूदा बस स्टेशन का क्षेत्र करीब साढ़े चार एकड़ बताया गया है, जबकि प्रस्तावित निर्माण के लिए मुख्य भवन वाले हिस्से को फिलहाल नहीं तोड़ने की योजना है। निर्माण मुख्य रूप से उस खाली भूमि पर प्रस्तावित है, जहां पहले क्षेत्रीय कार्यशाला और डिपो से जुड़ी गतिविधियां संचालित होती थीं। परिवहन निगम का कहना है कि आवश्यकता पड़ने पर जिला प्रशासन से वैकल्पिक भूमि लेकर बस संचालन की व्यवस्था की जा सकती है।

GDA की मंजूरी के बाद तय होगा डिजाइन

नए बस स्टेशन में कितने फ्लोर होंगे, यह अभी अंतिम रूप से तय नहीं किया गया है। इसके लिए गोरखपुर विकास प्राधिकरण (GDA) के बायलॉज और FAR यानी फ्लोर एरिया रेशियो से जुड़ी अनुमति का इंतजार है। GDA की मंजूरी मिलने के बाद संबंधित फर्म अंतिम डिजाइन और फ्लोर प्लान तैयार करेगी। प्रस्तावित व्यवस्था में कमर्शियल हिस्से का प्रवेश और निकास बस संचालन वाले क्षेत्र से अलग रखने की योजना है, ताकि दोनों गतिविधियों के बीच बेहतर व्यवस्था बनी रहे।

यात्रियों को मिल सकती हैं आधुनिक सुविधाएं

परियोजना पूरी होने के बाद गोरखपुर के यात्रियों को आधुनिक बस स्टेशन, बेहतर यात्री सुविधाएं और व्यवस्थित बस संचालन का लाभ मिलने की उम्मीद है। फिलहाल कॉन्सेप्ट प्लान की अंतिम मंजूरी की प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार है। इसके बाद निर्माण कार्य शुरू होगा और करीब दो वर्षों में परियोजना को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

 

रिपोर्ट – अंकित श्रीवास्तव 

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