{ ग़ाज़ियाबाद से नदीम शाहीन की रिपोर्ट }
गाजियाबाद के थाना विजय नगर पुलिस ने तीन ऐसे शातिर युवकों को गिरफ्तार किया है जिन्होंने खुद आपस में ही पुलिस के आला अधिकारी और जज बनकर विधवा महिला की बेटी को न्याय दिलाने के नाम पर करीब 13 लाख रुपए हड़प लिए गए।
जब इन तीनों की असलियत उस महिला के सामने आई तो महिला द्वारा इन तीनों की शिकायत थाना विजय नगर पुलिस से की गई, पुलिस द्वारा जांच में पाया गया कि इन तीनों के द्वारा ही महिला को फोन किया गया। और उससे ₹13 लाख रुपये ऐठ लिए गए। जांच के बाद तीनो शातिर ठगों को गिरफ्तार कर लिया गया है।

दरअसल सुनीता नाम की एक महिला का पति नोएडा स्थित एक एमएनसी कंपनी में जॉब किया करता था। लेकिन कैंसर की बीमारी होने के कारण मौत हो गई थी। उसके बाद महिला ने 11 दिसंबर 2018 को अपनी बड़ी बेटी की शादी की थी।
सुनीता का आरोप है कि शादी के कुछ दिन बाद ही उसकी बेटी के साथ मारपीट शुरू कर दी और लगातार प्रताड़ित किया जाता रहा, जिसके बाद मोहल्ले के ही सुनीता के पड़ोस में रहने वाले अजय लकी और आकाश सुनीता के संपर्क में आए और सुनीता से उसकी बेटी को न्याय दिलाए जाने की बात कहकर उसे झांसे में ले लिया।

इतना ही नहीं यह तीनों आपस में ही कभी पुलिस के आला अधिकारी बनकर फोन में वॉइस बदलने वाली ऐप के जरिए फोन पर सुनीता से बात करवाते थे। तो इनमें से ही आकाश नाम का युवक जोकि महज कक्षा 10 की पढ़ाई किए हुए है।
वह अपने आपको सुनीता से फोन पर जज बताता था। जो कि हर बार न्याय दिलाने की बात कहकर और कड़कड़डूमा कोर्ट में मामला दर्ज कराए जाने के नाम पर पैसे लेने लगे और धीरे धीरे कर सुनीता से न्याय दिलाए जाने का झांसा देकर, कभी पुलिसकर्मी , तो कभी जज बनकर सुनीता से 13 लाख रुपए की ठगी को अंजाम दे डाला।

भले ही इन तीनों ने इस महिला का बेवकूफ बनाकर उसके तेरे लाख रुपए ठग लिए हो लेकिन कहीं ना कहीं अब इनके मन में यह विचार जरूर आ रहा होगा कि उन्होंने एक परिवार को उजाड़ने का काम कर दिया है।