फ्रांस के राष्ट्रपति इमैन्युअल मैक्रों के समर्थन में हिंदू सेना ने दिल्ली के इस्लामिक कल्चरल सेंटर के बाहर पोस्टर चिपका दिए। दिल्ली पुलिस ने इस घटना का संज्ञान लेते हुए एफआईआर दर्ज कर ली है। दिल्ली पुलिस के उपायुक्त ईश सिंघल ने कहा कि इस मामले में तुगलक रोड पुलिस थाने में अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
उन्होंने कहा, ”पास के इलाके में गश्त के दौरान एक पुलिस टीम ने इस साइन बोर्ड को पहली बार देखा। बोर्ड के आसपास कहीं भी कोई सीसीटीवी कैमरा नहीं लगा है। विवादित पोस्टर पर एक दक्षिणपंथी संगठन का नाम लिखा है। हम इस मामले में जांच करेंगे।”
बता दें कि हिंदू सेना ने इस बारे में पहले ही एक बयान जारी किया था। इसमें उन्होंने घटना की जिम्मेदारी ली। हिंदू सेना ने जो पोस्टर लगाए उनपर जिहादी आतंकवादी सेंटर लिखा हुआ था।
पुलिस ने कहा कि साइनबोर्ड पर लगे पोस्टरों को हटा दिया गया है, जिनमें ‘जिहादी आतंकवादी इस्लामिक सेंटर’ लिखा हुआ था। नई दिल्ली नगरपालिका परिषद से जानकारी मिलने के बाद तुगलक रोड थाने में अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने दुनियाभर के मुसलमानों को उनकी बात समझने का संदेश देने की कोशिश की। राष्ट्रपति मैक्रों ने कतर के अरबी टीवी स्टेशन अल-जजीरा के साथ इंटरव्यू में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और फ्रांस के धर्मनिरपेक्ष मूल्यों का भी बचाव किया।
उनके ऑफिस ने कहा कि इंटरव्यू का उद्देश्य फ्रांस की स्थिति और राष्ट्रपति के शब्दों के बारे में गलतफहमी को स्पष्ट करना था जिसके बारे में उनका कहना है कि इन्हें संदर्भ से बाहर समझा गया है।
राष्ट्रपति ने स्पष्ट किया कि मीडिया में उनके शब्दों का कुछ गलत अनुवाद किया गया जिसमें पैगंबर मोहम्मद साहब के कार्टून के प्रकाशन का उन्हें समर्थन करते हुए दिखाया गया। उन्होंने कहा, ‘‘मैंने कभी ऐसा नहीं कहा।’’