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बुखार आने के बाद युवक के मन में बैठा डर, पी लिया केरोसिन, चार दिन बाद मौत

By: Amit ranjan 
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बुखार आने के बाद युवक के मन में बैठा डर, पी लिया केरोसिन, चार दिन बाद मौत

नई दिल्ली : कोरोना महामारी के डर ने लोगों के दिल और दिमाग को इस तरह अपने चपेट में ले रखा है, जिसे लेकर हमेशा भय सताता रहता है। इस महामारी से बचने के लिए लोग क्या नहीं कर रहें। लेकिन जिस कदर देश की वर्तमान स्थिति बनी हुई है, जैसे कभी मार्केट में ऑक्सीजन की कालाबाजारी, कभी दवाओं की किल्लत और कभी अस्पतालों द्वारा जारी लूट-खसोट।

इन सभी गतिविधियों के बीच मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से एक ऐसी खबर सामने आई है, जिसने एक बार फिर स्वास्थ व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिया। दरअसल एक युवक के दिमाग में बुखार आने के बाद कोरोना का डर घर कर गया। उसके बाद उसने केरोसिन पी लिया। केरोसिन पीने के चार दिन बाद उसकी मौत हो गई है। वहीं, मृतक युवक की कोविड रिपोर्ट निगेटिव आई है।

पुलिस ने बताया कि 30 वर्षीय युवक ने बीते बुधवार को अपने एक परिचित की सलाह पर केरोसिन पी लिया था। वह अशोका गार्डन में रहता है। उसके बाद इलाज के लिए प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया। शनिवार की रात युवक की मौत हो गई है। जून में वह अपनी शादी की सालगिरह सेलिब्रेट करने वाला था।

एएसआई राजकुमार दुबे ने कहा कि मृतक महेंद्र अपने परिवार के साथ अशोका गार्डन के शिव नगर इलाके में रहता था। वह टेलर का काम करता था। उसे पांच-छह दिनों से बुखार था। दवा लेने के बाद भी उसे कोई लाभ नहीं मिला। उसके बाद वह डर गया कि उसे कोरोना हो गया है। बुधवार की रात नौ बजे उसने केरोसिन पी लिया।

केरोसिन पीने के बाद युवक की तबीयत बिगड़ने लगी। उसके बाद परिवार के लोग एक नजदीकी प्राइवेट अस्पताल में लेकर गए लेकिन वहां बेड की व्यवस्था नहीं कर पाए। उसके बाद युवक को हमीदिया अस्पताल ले जाने के लिए कहा गया। फिर परिजनों को जानकारी मिली कि प्राइवेट अस्पताल में बेड है। परिजनों ने हमीदिया से निकालकर दो दिन पहले उसे प्राइवेट अस्पताल में शिफ्ट कर दिया। शनिवार की रात 11 बजे डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

पुलिस अधिकारी ने कहा कि परिजनों ने अस्पताल से कहकर उसका कोविड टेस्ट भी करवाया लेकिन रिपोर्ट निगेटिव आई थी। अब सवाल यह उठता है कि आखिर उस युवक ने बुखार के दौरान अस्पताल जाना जरूरी क्यों नहीं समझा, डॉक्टरों से राय क्यों नहीं ली। जिसका जवाब कहीं न कहीं डॉक्टर और अस्पतालों के लंबे-लंबे बिल होंगे, जिस कारण युवक ने डॉक्टरों से राय लेने के बजाये अफवाहों पर ध्यान देना जरूरी समझा और खुद की जान गंवाई।

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