रिपोर्ट: मोहम्मद आबिद
नई दिल्ली : लखनऊ का विभूतिखंड थाना क्षेत्र में रहनेवाले रिटायर जिला पशु चिकित्साधिकारी डॉ. माधव कृष्ण तिवारी और उनके बेटे डॉ. गौरव तिवारी की खुदकुशी का मामला सामने आया है। जहां घटना की सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच पड़ताल शुरू कर दी है। दोनों के शव को पोर्स्टमार्टम के लिए भेज दिया है। बता दें कि पूरे मामले में पुलिस पारिवारिक विवाद बता रही है जिसके चलते पिता पुत्र ने घटना को अंजाम दिया है।
पिता पुत्र की सुसाईड की घटना के बाद मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों ने सुसाइड के स्थान पर तीन पत्र बरामद किए हैं जिनमें भाई, पत्नी और जीजा का जिम्मेदारी व काम बांटे हैं । पुलिस ने तीनों पत्रों को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। वहीं दूसरी तरफ मृतक डॉ. गौरव के ससुर ने तहरीर दी है जिस पर पुलिस ने जांच शुरू कर दिया है। पुलिस के मुताबिक दोनों ने जहरीला पदार्थ खाया था।
एसीपी विभूतिखंड प्रवीण मलिक के मुताबिक विभव खंड -2 में डॉ. माधव कृष्ण तिवारी अपने परिवार के साथ रहते हैं। परिवार में दो बेटे डॉक्टर गौरव तिवारी, निशित तिवारी, एक बेटी व पत्नी हैं। डॉ. माधव जिला पशु चिकित्साधिकारी के पद से रिटायर थे और बेटा गौरव भी पशुचिकित्सक था। उसकी तैनाती रायबरेली में थी। वहीं छोटा बेटा दिल्ली में रहकर नौकरी करता है।
प्रभारी निरीक्षक के मुताबिक गौरव व माधव कृष्ण दोनों ने सहमति से खुदकुशी की है। पुलिस को अभी यह पता नहीं चल सका है कि खुदकुशी के पीछे सही कारण क्या है। हालांकि शुरूआती पड़ताल में पारिवारिक कलह सामने आ रही है। लेकिन पुलिस ने मामले की जांच पड़ताल के लिए चांज शुरू कर दी है।