दुनिया के सबसे बड़े सर्च इंजन गूगल के भारतीय मूल के सीईओ सुंदर पिचाई ने नए ग्रेजुएट्स को एक विशेष संदेश देते हुए सफलता का फलसफा समझाया है। उन्होंने बतया कि कैसे उनके पिता ने अपनी साल भर की कमाई को इकट्ठा करके उनके लिए अमेरिका का टिकट खरीदा था। यही टिकट उनके दुनिया के सबसे बड़े सर्च इंजन गूगल के सीईओ तक के सफर का पहला पायदान साबित हुआ।
यूट्यूब पर हुई वर्चुअल बातचीत में पिचाई ने स्नातकों को हमेशा अपनी सोच ऊंची और उम्मीदें कायम रखने की सलाह दी है। साथ ही तरक्की के लिए खुद के अंदर की बेताबी को भी जरूरी बताया है। उन्होंने कहा कि स्टैनफोर्ड विश्वविद्याल में पढ़ने के लिए आए तो उस वक्त पहली बार हवाई जहाज में बैठे थे।
उसके बाद उन्होंने ठान लिया कि हमेशा ऊंचाईयों पर ही रहना है। कंप्यूटर साइंस में रूचि थी तो उसे ही अपना जज्बा बना लिया। पूरी ईमानदारी से मेहनत की और आज नतीजा सबके सामने है। उन्होंने छात्रों को अपने सपने के लिए दिन-रात मेहनत करने, इरादे बुलंद रखने और चुनौतियों का डटकर सामना करने का मंत्र दिया।