देश की मोदी सरकार ने पिछले साल पांच अगस्त को जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा समाप्त करके धारा 370 खत्म कर दी थी। इसके बाद उन्होंने लद्दाख और कश्मीर को केंद्र शासित प्रदेश बना दिया था।
अब 5 अगस्त को उसकी बरसी से पहले राज्य के पूर्व सीएम रहे फारूक अब्दुल्ला ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने लोगों का भरोसा तोड़ दिया है।
उन्होंने कहा, भारत संघ में शामिल होने के समय जम्मू कश्मीर की जनता ने जो भरोसा जताया था, यह बदलाव उसी भरोसे के साथ ‘विश्वासघात’ है।
बता दे, अब्दुल्ला को पिछले साल पांच अगस्त को अनुच्छेद-370 के अधिकतर प्रावधानों को समाप्त किए जाने से पहले गिरफ्तार कर लिया गया था। उसके बाद उन्होंने सात महीने हिरासत में बिताये है।
तीन बार मुख्यमंत्री रहे अब्दुल्ला ने कहा, बीते साल जो कुछ हुआ, बेहद दुर्भाग्यपूर्ण था। केंद्र सरकार ने कहा था कि अनुच्छेद 370 हटाने पर राज्य का विकास होगा, आतंकवाद खत्म होगा। लेकिन मैं पूछना चाहता हूं कि क्या घाटी में आतंकवाद का खात्मा हुआ?