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किसान कल्याण वर्ष: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 5 वर्षों के लिए ₹10,520 करोड़ की 5 कृषि योजनाओं को दी मंजूरी

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंत्रिपरिषद बैठक में किसानों के लिए ₹10,520 करोड़ की 5 कृषि योजनाओं को 31 मार्च 2031 तक जारी रखने की स्वीकृति दी।

By: Abhinav Tiwari 
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किसान कल्याण वर्ष: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 5 वर्षों के लिए ₹10,520 करोड़ की 5 कृषि योजनाओं को दी मंजूरी

किसान कल्याण वर्ष के अंतर्गत मध्य प्रदेश के किसानों के लिए एक बड़ा निर्णय लेते हुए मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने कृषि क्षेत्र से जुड़ी पांच प्रमुख योजनाओं को अगले पांच वर्षों तक निरंतर जारी रखने की स्वीकृति प्रदान की है। यह निर्णय 24 फरवरी को आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में लिया गया, जिसमें कुल ₹10,520 करोड़ की लागत से इन योजनाओं को 31 मार्च 2031 तक संचालित करने पर सहमति बनी।

वंदे मातरम् के साथ शुरू हुई कैबिनेट बैठक

आज विधानसभा में मंत्रिपरिषद की बैठक की शुरुआत राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ के सामूहिक गायन के साथ हुई। बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने की, जिसमें किसानों और कृषि कार्यों से जुड़े कई महत्वपूर्ण और दूरगामी निर्णय लिए गए।

5 प्रमुख कृषि योजनाएं रहेंगी अगले 5 वर्ष तक जारी

मंत्रिपरिषद ने जिन पांच कृषि योजनाओं को 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक निरंतर जारी रखने की स्वीकृति दी है, उनका उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाना, उत्पादन क्षमता में सुधार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है।

(1) प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना – ₹2,010 करोड़

इस योजना के तहत कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों के विकास के लिए आवश्यक संसाधनों की पूर्ति राज्य सरकार के माध्यम से की जाएगी। इससे खेती को आधुनिक बनाने और किसानों को नई तकनीकों से जोड़ने में मदद मिलेगी।

(2) प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (पर ड्रॉप मोर क्रॉप) – ₹2,400 करोड़

इस योजना के माध्यम से किसानों को स्प्रिंकलर और ड्रिप सिंचाई प्रणाली लगाने पर अनुदान मिलता रहेगा। इससे माइक्रो इरिगेशन सुविधाओं का विस्तार होगा और जल संरक्षण के साथ-साथ फसल उत्पादन में भी वृद्धि होगी।

(3) राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं पोषण मिशन – ₹3,300 करोड़

धान, गेहूं, दलहन, मोटा अनाज और नगदी फसलों की खेती करने वाले किसानों को इस योजना से लाभ मिलेगा। क्षेत्र विस्तार, उत्पादन बढ़ाने और मिट्टी की उर्वरता सुधारने के लिए आवश्यक सहयोग राज्य सरकार द्वारा प्रदान किया जाएगा।

(4) नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग – ₹1,010 करोड़

इस योजना के तहत प्रदेश में प्राकृतिक खेती के रकबे का विस्तार किया जाएगा। प्राकृतिक खेती से न केवल किसानों की लागत घटेगी, बल्कि नागरिकों को रसायन-मुक्त और स्वास्थ्यवर्धक खाद्य पदार्थ उपलब्ध होंगे। साथ ही पर्यावरण संरक्षण और मिट्टी की गुणवत्ता में भी सुधार होगा।

(5) राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन (ऑयल सीड) – ₹1,800 करोड़

तिलहन उत्पादन करने वाले किसानों को इस योजना से सीधा लाभ मिलेगा। इससे प्रदेश में खाद्य तेल उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा और आयात पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा मजबूत आधार

₹10,520 करोड़ की इन पांच योजनाओं को अगले पांच वर्षों तक जारी रखने से किसानों की आय बढ़ेगी, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और रसायन युक्त खेती से धीरे-धीरे मुक्ति मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बैठक में स्पष्ट कहा कि “किसानों का हित सर्वोपरि है और राज्य सरकार उनके कल्याण के लिए निरंतर ठोस निर्णय लेती रहेगी।”

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