नई दिल्ली : पाकिस्तान के बाद बांग्लादेश के भी खुलना जिले में तकरीबन 100 से अधिक कट्टरपंथियों ने 50 से ज्यादा हिंदुओं के घरों को निशाना बनाया। वहीं जमकर तोड़फोड़ की। इस दौरान भीड़ ने 10 से अधिक मंदिरों को भी अपनी चपेट में लिया। स्थानीय लोगों और पुलिस के अनुसार कट्टरपंथियों ने कई दुकानों पर भी हमला बोला। इससे हिंदू समुदाय के लोगों में दहशत का माहौल है।
वहीं कुछ स्थानीय लोगों ने दावा किया कि हमलावर पड़ोसी शेखपुरा, बामनडांगा और चाडपुर इलाकों के थे। लेकिन उनकी पहचान की पुष्टि नहीं हो सकी है। स्थानीय लोगों के अनुसार इस हमले की शुरुआत शुक्रवार की रात हिंदू और मुस्लिम स्थानीय लोगों के दो समूहों के बीच तीखी नोकझोंक के बाद हुई।

बताया जा रहा है कि शुक्रवार शाम को जिले के सियाली गांव में स्थानीय मस्जिद के एक मौलवी ने एक हिंदू धार्मिक जुलूस निकाले जाने का विरोध किया और लोगों को उकसाने लगा। वहीं इसके बाद कट्टरपंथियों ने शनिवार शाम को गांव के हिंदू घरों पर हमला कर दिया। हमलावरों ने कुल्हाड़ी और दूसरे हथियारों का इस्तेमाल हमले के दौरान किया था।
हमले के आरोप में 10 लोग गिरफ्तार
पुलिस ने हिंदू मंदिरों, घरों और दुकानों में तोड़फोड़ के मामले में 10 लोगों को गिरफ्तार किया है। वहीं स्थानीय समुदाय के कई नेताओं का कहना है कि क्षेत्र में पहली बार किसी सांप्रदायिक हिंसा की खबर मिली है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक शनिवार की रात छापेमारी में आरोपी शरीफुल इस्लाम, सम्राट मुल्ला, मंजुरुल आलम, शरीफुल इस्लाम शेख, राणा शेख, मोमिनुल इस्लाम, अकरम फकीर, शोहेल शेख, शमीम शेख और जमील बिस्वास को गिरफ्तार किया गया। पुलिस अधिकारी के अनुसार इलाके में फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है।
Hundreds of Islamic extremists attacked Shiali and Gowara villages in Rupsha upazila of Khulna district yesterday.All the temples and 58 Hindu houses in the area have been vandalized .Police haven’t taken any action yet. Even no media in Bangladesh has published this incident. pic.twitter.com/c0a7KF27ZH
— Bangladesh Hindu Unity Council (@UnityCouncilBD) August 8, 2021
बता दें कि इससे पहले पाकिस्तान के एक इलाके में उपद्रवी मुसलमानों ने हिंदुओं के मंदिर में तोड़फोड़ की थी और वहां मौजूद भगवान के प्रतिमाओं को भी क्षतिग्रस्त किया था। इसे लेकर भारत सरकार ने पाकिस्तान से विरोध जताया था। इसके बाद इमरान खान ने उन उपद्रवियों पर जल्द कार्रवाई की बात कहीं। वहीं पाकिस्तान सुप्रीम कोर्ट भी इस मामले की सुनवाई कर रहा है।