{ एटा से सोमेश गुप्ता की रिपोर्ट }
यूपी के एटा मैं लखनऊ की चिटफंड कम्पनी रोपवे एग्रो प्रोड्यूसर लिमिटेड ने जिले के जमाकर्ताओं को करीब 3 से 4 करोड़ की चपत लगा देने का मामला उजागर हुआ है। वर्ष 2016 में अस्तित्व मैं आई इस चिटफंड कम्पनी ने चार वर्ष की अवधि में जमा धन को दुगने करने के नाम पर जमा कराई रकम।
जल्द धन दोगुना करने के लालच मैं लोगों ने लगादी जीवन भर की कमाई। 2020 में भुगतान के समय कंपनी द्वारा की जा रही टालमटोल से परेशान होकर कम्पनी के 19 जमाकर्ताओं द्वारा एटा कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराई गयी है।
मामले के मुख्य वादी रामसिंह पुत्र फकीरेलाल निवासी चित्रगुप्त कालोनी, एटा का कहना है कि वर्ष 2016 में वे लोग सहारा इंडिया कंपनी में काम करते थे। इसी दौरान उनकी मुलाकात राजनसिंह पुत्र रामसिंह निवासी एलएस—2 जानकीपुरम, लखनऊ से हुई।
उसने खुद को रोपवे एग्रो प्रोड्यूसर लिमिटेड कंपनी का महाप्रबन्धक बताते हुए उनसे इस कंपनी में काम करने को कहा तथा इसमें जमा रकम की सुरक्षा की बात कही। रामसिंह के अनुसार उनके आश्वासन पर पहले इस कंपनी की एटा में शाखा खोल कासगंज के प्रदीप चौहान को शाखा प्रबन्धक बनाया। इनके बाद अशोक कुमार शर्मा पुत्र महेन्द्रपाल सिंह निवासी वनगांव रोड, एटा नये शाखा प्रबन्धक बने तथा निधौलीरोड पर माही बैट्री-रिक्शा कंपनी के ऊपर अपना कार्यालय खोला।

रामसिंह के अनुसार इसके बाद इस कंपनी में उसने स्वयं के 12 लाख, कोतवाली देहात के लालगढ़ी निवासी राजेन्द्र ने 35 लाख, राधाविहार सुनहरी नगर निवासी रमेशचंद्र ने आठ लाख, कोतवाली देहात के लहरा निवासी श्यामवीर ने 18 लाख, नारायन नगर निवासी अनिल सोलंकी ने आठ लाख, शिवसिंहपुर निवासी रमाशंकार ने आठ लाख।
पटियाली गेट निवासी कपिल पाराशर ने 2.30 लाख, शांतीनगर निवासी सुनील पांडे ने 45 लाख, अरूणा नगर निवासी सरिता शर्मा ने 15 लाख, निधौलीकलां के नगला बंदी निवासी गुलाब सिंह ने दो लाख, रिजोर के कुरीना दौलतपुर निवासी कश्मीर सिंह ने 22 लाख, अशोक नगर निवासी दिनेश शर्मा ने 70 हजार, नगला केवल निधौली रोड की छोटी देवी ने 2 लाख।
नरायन नगर निवासी मुनीशा यादव 16 लाख, वनगांव निवासी अशोक कुमार शर्मा ने 85 लाख, श्रंगार नगर निवासी अतुल श्रोतिया 1.60 लाख, बागवाला के लोया बादशाहपुर निवासी मनोज कुमार ने 4 लाख, हीरानगर वनगांव निवासी नितिन कुमार ने 50 हजार व रेलवेरोड दरियावगंज पटियाली, कासगंज के वीरेश गुप्ता ने 10 लाख रुपये जमा कराए।
रामसिंह का आरोप है कि जनवरी 2020 में इस राशि के परिपक्व होने तथा वापसी की अवधि होने के बाद कंपनी महाप्रबन्धक राजन सिंह ही नहीं, कंपनी निदेशक राम गोविन्द सिंह पुत्र रामसिंह निवासी रोहताश फुलूमेरिया, लखनऊ, निदेशक रवेन्द्रसिंह, मनोज श्रीवास्तव, प्रतीप पाठक, नेहा दुबे व वैभव प्रताप पुत्र राम गोविन्द सिंह निवासी रोहताश फुलूमेरिया, लखनऊ हर बार झांसा दे रहे हैं।