इलाहाबाद उच्च न्यायालय के आदेश के बाद यूपी सरकार को डॉक्टर कफील को रिहा करना पड़ा है। कल देर रात उन्हें मथुरा जेल से रिहा किया गया है।
कफील संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के खिलाफ पिछले साल अलीगढ़ में भड़काऊ भाषण देने के आरोप में राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत करीब साढ़े सात महीने से मथुरा जेल में बंद थे।
मध्य रात्रि में मथुरा जेल पहुंचे रिहाई के ऑर्डर के बाद डॉ कफ़ील को रिहा किया गया। हाई कोर्ट ने सुनवाई के दौरान सुबह ही रिहाई का आदेश कर दिया था।
रिहा होने के बाद डॉ कफील ने मथुरा जेल प्रशासन और योगी सरकार पर हमला बोला। उन्होंने राज्य सरकार पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है।
डॉक्टर कफील ने कहा, मैं जुडिशरी का बहुत शुक्रगुजार हूं, जिन्होंने इतना अच्छा ऑर्डर दिया है। सभी 138 करोड़ देशवासियों का धन्यवाद और उन लोगों का धन्यवाद जिन्होंने संघर्ष में मेरा साथ दिया।
उन्होंने यह भी कहा कि बिना बात के ड्रामा करके केस बनाए गए और 8 महीने तक इस जेल में रखा। इस जेल में मुझे पांच दिन तक बिना खाना, बिना पानी दिए मुझे प्रताड़ित किया गया। मैं उत्तर प्रदेश के एसटीएफ को भी धन्यवाद दूंगा, जिन्होंने मुंबई से मथुरा लाते समय मुझे एनकाउंटर में मारा नहीं है।