अंकारा:तुर्की के विदेश मंत्री मेवलट कावुसोग्लू ने कहा है कि अमेरिकी की पाबंदी का उचित समय पर जवाब भी दिया जाएगा। उन्होंने यह नहीं बताया कि वे किस तरह से जवाब देंगे। अमेरिका ने पिछले दिनों रूस में बने मिसाइल डिफेंस सिस्टम की तैनाती को लेकर तुर्की पर पाबंदी लगा दी थी। अमेरिका का कहना था कि तुर्की नाटो का सदस्य है और रूस की एस-400 सिस्टम की मिसाइल तकनीकी मापदंड पर खरी नहीं उतरती है और यूरो-अटलांटिक के लिए खतरा है।
यह पहला मौका है जब अमेरिका ने सीएएटीएसए के तहत अपने सहयोगी देश पर पाबंदी लगाई है। विदेश मंत्री ने कहा कि अब इस खरीद के सौदे से पीछे हटने का सवाल ही नहीं उठता है। हम देख रहे हैं कि अमेरिका की पाबंदियों का क्या असर पड़ता है। उन्होंने कहा कि तुर्की और अमेरिका के संबंध इस बात से तय होंगे कि आने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन किस तरह से तुर्की की समस्याओं को हल करते हैं।
अमेरिकी प्रतिबंध के बाद तुर्की के विदेश मंत्रालय ने कहा कि अमेरिका से उसके पक्षपातपूर्ण फैसले पर फिर से विचार करना चाहिए। अमेरिकी पाबंदी से दोनों देशों के बीच नकारात्मक असर पड़ेगा। तुर्की ने सख्त लहजे में कहा है कि अमेरिका इस कार्रवाई से पीछे नहीं हटता तो वक्त आने पर तुर्की इसका बदला लेगा।
इसके पूर्व तुर्की ने कहा था कि हम अमेरिका के गुलाम नहीं हैं, इसलिए वाशिंगटन यह तय नहीं कर सकता कि अंकारा को कौन सी हथियार खरीदेगा। तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन ने अमेरिकी प्रतिबंधों को दरकिनार करते हुए घोषणा की थी कि रूस की एस-400 वायु रक्षा प्रणाली की निर्धारित योजनानुसार तैनाती की जाएगी। एस-400 सिस्टम की खरीद पर अमेरिकी दबाव के खिलाफ अंकारा डटा हुआ है। तुर्की अपने व्यापार भागीदारों और हथियार आपूर्तिकर्ताओं को चुनने के लिए स्वतंत्र है।