राजधानी में यमुना के पानी में असामान्य तरीके से अमोनिया का स्तर बढ़ने की वजह से कल शाम से राजधानी दिल्ली के कई इलाकों में पानी की किल्लत हो गई है।दिल्ली जल बोर्ड की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक अमोनिया का स्तर बढ़ने से भगीरथी प्लांट और सोनिया विहार प्लांट को बन्द कर दिया गया है।
शुक्रवार सुबह पानी आया भी तो बेहद कम, जिसके चलते लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं, जिन इलाकों में पानी आपूर्ति प्रभावित है, वहीं के लोगों से दिल्ली जल बोर्ड ने अपील की है कि वे पानी को पीने या खाना बनाने के काम में इस्तेमाल नहीं करें। जलबोर्ड का कहना है कि पानी में अमोनिया की मात्रा है, जिससे शरीर को नुकसान पहुंच सकता है।
यमुना नदी में बढ़ते प्रदूषण और अमोनिया का स्तर 3 पीपीएम तक पहुंचने के कारण आज सोनिया विहार और भागीरथी जल शोधन संयंत्र में पानी को साफ करने का कार्य प्रतिकूल रूप से प्रभावित है।
इनकी वजह से पूर्वी, उत्तर-पूर्वी और दक्षिणी दिल्ली में पानी की सप्लाई बुरी तरह से प्रभावित हो गयी है।
— Adesh Gupta (@adeshguptabjp) October 30, 2020
अब इसी मसले को लेकर को बीजेपी अध्यक्ष ने सीएम के ऊपर कई गंभीर आरोप लगाए है। उन्होंने कहा, यमुना नदी में बढ़ते प्रदूषण और अमोनिया का स्तर 3 पीपीएम तक पहुंचने के कारण आज सोनिया विहार और भागीरथी जल शोधन संयंत्र में पानी को साफ करने का कार्य प्रतिकूल रूप से प्रभावित है। इनकी वजह से पूर्वी, उत्तर-पूर्वी और दक्षिणी दिल्ली में पानी की सप्लाई बुरी तरह से प्रभावित हो गयी है।
हरियाणा में फैक्ट्री 3 महीने पहले ही खुल गयी थी केलिन उसके बाद भी यमुना का पानी साफ रहा। आज यमुना दिल्ली की फैक्ट्रियों के पानी से दूषित हुई है।
केजरीवाल सरकार के जल बोर्ड व प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को बताना चाहिए कि ऐसा क्यों हुआ? और वह इस समस्या से निपटने के लिए क्या कर रहे हैं?
— Adesh Gupta (@adeshguptabjp) October 30, 2020
हरियाणा में फैक्ट्री 3 महीने पहले ही खुल गयी थी केलिन उसके बाद भी यमुना का पानी साफ रहा। आज यमुना दिल्ली की फैक्ट्रियों के पानी से दूषित हुई है। केजरीवाल सरकार के जल बोर्ड व प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को बताना चाहिए कि ऐसा क्यों हुआ? और वह इस समस्या से निपटने के लिए क्या कर रहे हैं?
जब @ArvindKejriwal को पता था की यमुना दूषित हो रही है तो उन्होंने नए प्लांट क्यों नहीं लगाए? प्रदूषण रोकने के प्रबंध क्यों नहीं किये? नालों को यमुना में जाने से क्यों नहीं रोका?
उनकी विफलता के कारण आज इसी पानी से कई जगह खेती होती है और लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ हो रहा है।
— Adesh Gupta (@adeshguptabjp) October 30, 2020
जब सीएम को पता था की यमुना दूषित हो रही है तो उन्होंने नए प्लांट क्यों नहीं लगाए? प्रदूषण रोकने के प्रबंध क्यों नहीं किये? नालों को यमुना में जाने से क्यों नहीं रोका? उनकी विफलता के कारण आज इसी पानी से कई जगह खेती होती है और लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ हो रहा है।
केंद्र सरकार ने दिल्ली सरकार को 2 साल पहले 1000 इलेक्ट्रिक बसों की अनुमति दी थी, केलिन अभी तक एक भी बस नहीं खरीदी गई। 2018 में वह ग्रीन बजट लाए थे, 26 घोषणाएं हुई लेकिन ज्यादातर घोषणा आज तक लागू नहीं हुई, न एंटी स्मॉग टावर लगाए गए।
2 साल से क्या कर रहे थे @ArvindKejriwal जी?
— Adesh Gupta (@adeshguptabjp) October 30, 2020
केंद्र सरकार ने दिल्ली सरकार को 2 साल पहले 1000 इलेक्ट्रिक बसों की अनुमति दी थी, केलिन अभी तक एक भी बस नहीं खरीदी गई। 2018 में वह ग्रीन बजट लाए थे, 26 घोषणाएं हुई लेकिन ज्यादातर घोषणा आज तक लागू नहीं हुई, न एंटी स्मॉग टावर लगाए गए।