दिल्ली में विधानसभा चुनावों के ऐलान के साथ ही राजनीतिक दलों ने कमर कस ली है। आम आदमी पार्टी ने 70 सीटों पर अपने उम्मीदवारों की लिस्ट जारी करने के साथ ही दूसरी राजनीतिक पार्टियों पर दवाब बना दिया है। गुरूवार को बीजेपी के उम्मीदवारों के नाम तय करने के लिए पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक हुई थी औऱ ऐसा अनुमान लगाया जा रहा था कि बीजेपी अपने उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी कर देगी लेकिन देर रात तक पार्टी नेताओं के बीच उम्मीदवारों के नामों पर माथापच्ची चलती रही लेकिन लिस्ट जारी नहीं हो सकी। लेकिन आज ये संभावनाएं है कि बीजेपी अपने उम्मीदवारों की लिस्ट जारी करेगी।
ऐसी खबरें है कि बीजेपी अपने 50 उम्मीदवारों की पहली लिस्ट शुक्रवार को जारी कर सकती है। लेकिन अभी पेंच यह फंसा हुआ है कि दिल्ली बीजेपी के सहयोगी अकाली दल को कितनी और कौन-कौन सी सीटें देनी है, जिसपर अभी तक फैसला नहीं हो सका है। पार्टी के सूत्रों की अगर मानें तो बीजेपी पिछली बार चुनाव लड़े कई उम्मीदवारों को मौका दे सकती है।
बीजेपी के पास यह भी दवाब है कि नई दिल्ली सीट से सीएम केजरीवाल के खिलाफ मजबूत उम्मीदवार का नाम तय करे। इसमें पार्टी अभी वक्त ले सकती है। लेकिन कुछ सीटों पर पार्टी को उम्मीदवारों के नाम तय करना आसान नहीं होगा क्योंकि इन सीटों पर कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के नेताओं से कड़ी टक्कर मिलने की संभवना है।
बीजेपी मुख्यालय में गुरूवार को हुई केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के अलावा तमाम शिर्ष नेता मौजूद थे। विधानसभा चुनाव की घोषणा पत्र के लिए बीजेपी को 11 लाख से ज्यादा के सुझाव मिले हैं। जिनमें सड़क के गड्ढों, ट्रैफिक जाम और गंदे पानी से लेकर सीएए औऱ एनआरसी जैसे मुद्दे भी शामिल हैं। इतना ही नहीं लोगों ने यह भी सुझाव दिया है कि बिजली और पानी के मुद्दे पर बीजेपी को स्पष्ट रूप से घोषणा करनी चाहिए कि वह दिल्ली सरकार द्वारा दी जा रही छूट के मुकाबले बिजली और पानी के इस्तेमाल पर कितनी छूट या सब्सिडी देगी।