मानसून का मौसम बीतने के बाद से ही अब रबी के सीजन की बुआई हो रही है और कई जगह होने वाली है ,आम तौर पर इसी महीने से रबी की फसलों की बुआई शुरू हो जाती है जिसमें सरसों और तिल प्रमुख है।
भारत खाघ तेल का सबसे बड़ा बाजार है और कृषि प्रधान देश होने के बाद भी देश में 75हजार करोड़ का तेज बाहर से आता है। आपको बता दे, उत्तरप्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने एलान किया है की हम सरसों और तिलहन उत्पादन का क्षेत्रफल बढ़ाएंगे और लगभग 2.5 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल पर सरसों का आच्छादन बढ़ाने की दृष्टि से किसानों को सरसों के उन्नत बीज उपलब्ध कराएंगे और हर संभव प्रयास किये जाएंगे।
किसानों को 10 लाख हेक्टेयर की बुवाई के लिए उन्हें निःशुल्क बीज उपलब्ध कराए जाए। इस साल हम सरसों और तिलहन उत्पादन का क्षेत्रफल बढ़ाएंगे। सरसों का रकबा करीब 2.5 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल बढ़ाने के लिए किसानों को नि:शुल्क बीज उपलब्ध कराएंगे।
कृषि मंत्री ने कहा कि रबी फसलों में मुख्य रूप से गेहूं, जौ, चना, मटर, मसूर, सरसों एवं अलसी के लिए लगभग 49 लाख 50 हजार क्विंटल बीज की आवश्यकता होती है |
इसमें 8 लाख 27 हजार 391 क्विंटल बीज का व्यवस्था सरकारी, सहकारी एवं अर्द्ध सरकारी क्षेत्र के विभागों द्वारा और 41 लाख 22 हजार 609 क्विंटल बीज की व्यवस्था निजी क्षेत्र के माध्यम से की जायेगी।