डकैतों के आतंक के लिए प्रख्यात चम्बल घाटी में आतंक की अनगिनत कहानियां लिखते वाले आत्मसमर्पित डकैत सरगना मोहरसिंह का निधन हो गया है।
साठ के दसक में मोहर सिंह पर एमपी,यूपी,राजस्थान आदि राज्यो की पुलिस ने दो लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा था जिसका आज के अनुसार मूल्यांकन दस करोड़ से अधिक है।
मोहर सिंह के खिलाफ देश के विभिन्न थानों में तीन सौ से अधिक हत्या के मामले दर्ज थे लेकिन बकौल मोहर सिंह ये गिनती बहुत कम थी।
आत्मसमर्पण के बाद मोहर सिंह ने भिण्ड जिले के मेहगांव कस्बे को अपना घर बनाया और वही रहने लगे। वे दाड़ी रखाते थे इसलिए वे वहां दाढ़ी के नाम से ही विख्यात थे।

वे हँसमुख और मिलनसार थे इसलिए हर उम्र के लोगों में उनकी खासी लोकप्रियता थी।
यह इतनी ज्यादा थी कि वे एक बार नगर पालिका मेहगांव के अध्यक्ष पद का चुनाव लड़े और निर्दलीय ही जीत गए और उंन्होने इस दौरान विकास के काम भी कराए।