कोरोना के बढ़ते संक्रमण के बीच दुनियाभर के लोगों को इसकी एक सुरक्षित और कारगर वैक्सीन का इंतजार कर रहे है। भारत में तीन वैक्सीन इस रेस में आगे चल रही हैं और कामयाबी से बस कुछ ही कदम दूर हैं। तीनों वैक्सीन कैंडिडेट्स अंतिम चरणों के ट्रायल में हैं।
भारत की देसी कोरोना वैक्सीन ‘Covaxin’ से देश को बड़ी उम्मीदें हैं। भारत बायोटेक कंपनी ने भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद और राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थान के साथ मिलकर यह वैक्सीन बनाई है। शुरुआती चरणों के ट्रायल में इस वैक्सीन ने अच्छा असर दिखाया है।
देशभर के लोगों के मन में यही सवाल है कि यह वैक्सीन आखिर कब लॉन्च होगी। खबर है कि भारत बायोटेक की कोरोना वैक्सीन फरवरी में आ सकती है। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने सरकार से जुड़े एक वैज्ञानिक के हवाले से यह जानकारी दी है।
वैक्सीन फरवरी में आती है तो यह समय से काफी जल्दी होगा, क्योंकि पहले कहा जा रहा था कि अगले साल की दूसरी तिमाही यानी अप्रैल-जून तक भारत बायोटेक की वैक्सीन आ पाएगी। यह कंपनी सरकार के साथ मिलकर वैक्सीन बना रही है।
इससे पहले भारत बायोटेक के अंतरराष्ट्रीय कार्यकारी निदेशक साई प्रसाद ने समाचार एजेंसी पीटीआई से बातचीत में कहा था कि आखिरी चरण के ट्रायल्स में वैक्सीन की प्रभावकारिता और सुरक्षित होने का मजबूत डेटा स्थापित करने के बाद अगर हमें अप्रूवल मिल जाता है तो हमारा लक्ष्य साल 2021 की दूसरी तिमाही तक वैक्सीन लॉन्च करने का है।
भारत बायोटेक के अधिकारी ने कहा था कि कंपनी का फोकस फिलहाल देशभर में वैक्सीन के तीसरे चरण के ट्रायल को सफलतापूर्वक पूरा करने पर है। बता दें कि भारत बायोटेक ने Covaxin को राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थान में विकसित SARS-Cov-2 के इनएक्टिवेटेड स्ट्रेन से तैयार किया गया है।
ट्रायल पूरा होने पर नियामक की मंजूरी ली जाएगी और मंजूरी के साथ ही वैक्सीन लॉन्च करने की योजना है। साई प्रसाद ने सोमवार को बताया था कि कि वैक्सीन के फेज तीन ट्रायल की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
देश के 14 राज्यों में से करीब 30 जगहों पर वैक्सीन का ट्रायल किए जाने की योजना है। हर वॉलेंटियर को वैक्सीन या प्लेसीबो की दो डोज दी जाएंगी। कंपनी का यह भी कहना है कि हर अस्पताल में करीब दो हजार वॉलेंटियर्स ट्रायल में शामिल होंगे।