अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (आईसीएमआर) की तरफ से जारी दिशानिर्देशों में कहा गया है कि संक्रमण को रोकने और जान बचाने का एकमात्र तरीका है, जांच करें, संक्रमण का कारण ढूंढे और इलाज करें। आईसीएमआर ने कहा कि देश के हर हिस्से में लक्षण वालों की व्यापक स्तर पर जांच हो। साथ ही, संक्रमण के कारणों का पता लगा उसे रोकने की प्रक्रिया भी मजबूत हो।
आईसीएमआर ने उन सभी लोगों को सात दिन के अंदर जांच कराने की सलाह दी है, जो विदेश से लौटे हों या प्रवासी हों। इसके अलावा अस्पताल में भर्ती मरीजों, लक्षण वाले, कन्टेंमेंट जोन में रहने वालों को जांच कराने की सलाह दी है। इसके अलाव स्वास्थ्य सेवा और अन्य सेवाओं से जुड़े कर्मचारियों को भी जांच कराने को कहा गया है।
आईसीएमआर ने अधिकारियों को कहा, वह सभी सरकारी और निजी अस्पतालों, कार्यालयों और सार्वजनिक क्षेत्र की इकाइयों को एंडीबॉडी आधारित जांच क्षमता से लैस करें।