विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने शुक्रवार को कहा कि भारत में कोराना वायरस मामलों की संख्या हर तीन सप्ताह में दोगुनी हो रही है लेकिन कोरोना महामारी एशिया के देशों में तेजी से नहीं फैल रही है लेकिन इसका जोखिम बना हुआ है। ऐसे में सर्तक रहने की जरूरत है।
डब्ल्यूएचओ के स्वास्थ्य आपदा कार्यक्रम के कार्यकारी निदेशक डाॅक्टर रेयान ने कहा कि भारत में कोरोना संक्रमण के मामले तीन हफ्ते में दोगुने हो रहे हैं लेकिन लगातार नहीं बढ़ रहे है।
रेयान कहा कि भारत ही नहीं बांग्लादेश, पाकिस्तान और दक्षिण एशिया के घनी आबादी वाले देशों में अब भी महामारी की स्थिति विस्फोटक नहीं हुई है। हालांकि ऐसा होने का जोखिम बना हुआ है।
उन्होंने ने चेतावनी दी है कि यादि वायरस का सामुदायिक स्तर पर संक्रमण होना शुरू हुआ तो ये काफी तेजी से फैलेगा। उन्होंने कहा कि भारत में लोगों की आवाजाही दोबारा शुरू हो गई है। ऐसे में संक्रमण के बढ़ने का खतरा बना हुआ है।