झूठे और गुमराह करने वाले विज्ञापनों को रोकने के लिए उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने विज्ञापन निर्माताओं व विज्ञापन एजेंसियों के लिए गाइडलाइंस का मसौदा तैयार किया है।
इसके अनुसार,डिस्क्लेमर वाले विज्ञापनों में छोटे फॉन्ट्स का इस्तेमाल किए जाने पर उन्हें भ्रामक माना जाएगा। इन दिशा निर्देशों में कहा गया है कि डिस्क्लेमर का फॉन्ट साइज विज्ञापन द्वारा किए गए दावे के समान आकार का होना चाहिए।
इसी तरह से यदि विज्ञापन में डिस्क्लेमर वॉयस ओवर के रूप में प्रस्तुत किया जाता है तो एडवर्टाइजर द्वारा किए गए दावे को इस वॉयस ओवर के साथ सिंक किया जाना चाहिए।
इन ड्राफ्ट गाइडलाइंस में यह भी कहा गया है कि विज्ञापनों में सच और ईमानदारी होनी चाहिए और यह किसी भी तरह से कंज्यूमर्स को गुमराह करने वाले नहीं होने चाहिए।
ये नए नियम ‘उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 के तहत मंत्रालय द्वारा तैयार मसौदा गाइडलाइंस के एक समूह का हिस्सा हैं।