पन्ना में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर कांग्रेस ने बुधवार को कलेक्ट्रेट का घेराव कर प्रदर्शन किया। जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अनीश खान के नेतृत्व में कार्यकर्ता छत्रसाल पार्क में जुटे और वहां से रैली के रूप में कलेक्ट्रेट पहुंचे। मध्य प्रदेश के कई जिलों में कांग्रेस ने SIR और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार से जुड़े मुद्दों को लेकर प्रदर्शन किया है।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने छत्रसाल पार्क से रैली शुरू की। रैली अंबेडकर चौक पहुंची, जहां नगर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष स्वतंत्र प्रभाकर अवस्थी के नेतृत्व में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार का प्रतीकात्मक पुतला जलाया गया। इसके बाद कार्यकर्ता बलदेव चौक और बड़ा बाजार होते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे। प्रदर्शन को देखते हुए कलेक्ट्रेट परिसर में पुलिस बल तैनात रहा। मुख्य गेट पर बैरिकेडिंग कर प्रदर्शनकारियों को परिसर के भीतर जाने से रोका गया।
कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने और संशोधन की प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग उठाई। पार्टी की ओर से मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के कार्यकाल में लिए गए प्रमुख निर्णयों और निर्वाचन संबंधी प्रक्रियाओं की स्वतंत्र समीक्षा की मांग की गई। कांग्रेस ने कहा कि पात्र मतदाताओं के नाम छूटने और अपात्र नाम शामिल होने से संबंधित शिकायतों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। साथ ही निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़े रिकॉर्ड और आंकड़ों में पारदर्शिता तथा जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग रखी गई।

कलेक्ट्रेट पहुंचने के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मझगाय डैम से प्रभावित और विस्थापित परिवारों का मुद्दा भी अधिकारियों के सामने रखा। कांग्रेस ने डैम क्षेत्र में आदिवासी ग्रामीणों के साथ कथित कार्रवाई की जांच और प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा व पुनर्वास की मांग की। कार्यकर्ताओं ने प्रशासन से इन मांगों पर कार्रवाई का आश्वासन मिलने के बाद ज्ञापन सौंपने की बात कही। अधिकारियों की ओर से कार्रवाई का आश्वासन मिलने के बाद कांग्रेस ने राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में कांग्रेस ने मतदाता सूची से जुड़े मामलों की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच कराने, नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया की समीक्षा करने तथा किसी भी तरह की अनियमितता सामने आने पर नियमानुसार कार्रवाई की मांग की। कांग्रेस ने कहा कि उसकी मांगों का उद्देश्य मतदाता सूची और निर्वाचन प्रक्रिया में लोगों का भरोसा बनाए रखना तथा पात्र नागरिकों के मताधिकार की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।