पिछले दो लोकसभा चुनावों में जिस तरह से कांग्रेस ने अपना जनाधार खोया है अब उसका असर सीधे ऊपरी सदन में उनकी संख्या पर पड़ रहा है। आपको बता दे की कांग्रेस हमेशा से ऊपरी सदन में मजबूत रही है लेकिन पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की जोड़ी ने कांग्रेस के जादू पर जैसे ग्रहण लगा दिया है।
दरअसल ऊपरी सदन में कांग्रेस के सदस्यों की संख्या अब सिर्फ 38 रह गई है। राज्यसभा में कांग्रेस की यह अब तक की सबसे कम सदस्य संख्या है। यह एक विडंबना ही कही जायेगी की जिस कांग्रेस का लम्बे समय तक दबदबा रहा हो वो आज सिर्फ इतनी कम संख्या पर सिमट जाएगी।
उत्तर प्रदेश की 10 और उत्तराखंड में 1 राज्यसभा चुनाव हुए हैं. इनमें से 9 सीटों पर बीजेपी ने जीत दर्ज की है। 9 सीटों जीतने के बाद राज्यसभा में बीजेपी के सदस्यों की संख्या 92 पर पहुंच गई है और एनडीए की संख्या 100 के पार हो गई है।
राज्यसभा में बिहार में अब एनडीए के सदस्यों की संख्या बढ़कर 104 हो गई है. एनडीए में शामिल जेडीयू के 5 पांच सदस्य हैं जबकि आरपीआई-आठवले, असम गण परिषद, नेशनल पीपुल्स पार्टी, मिजो नेशनल फ्रंट, , नगा पीपुल्स फ्रंट, बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट और पीएमके के एक-एक सदस्य हैं।
ऊपरी सदन में कुल सदस्यों की संख्या 242 है और बीजेपी को दूसरे दलों का समर्थन भी मिलता है और ऐसे में अब बीजेपी के लिए ऊपरी सदन में बिल पास करवाना अब कोई कठिन काम नहीं रहा गया है।