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जनसुनवाई में आउटसोर्स कर्मचारी की शिकायत, 18 माह से वेतन नहीं मिलने का आरोप

कटनी में नगर निगम के एक आउटसोर्स कर्मचारी ने 18 माह से वेतन नहीं मिलने, अभद्र व्यवहार और कथित जातिसूचक टिप्पणी के आरोप लगाते हुए प्रशासन से न्याय की मांग की है।

By: BS Yadav 
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जनसुनवाई में आउटसोर्स कर्मचारी की शिकायत, 18 माह से वेतन नहीं मिलने का आरोप

कटनी कलेक्ट्रेट में आयोजित जनसुनवाई के दौरान नगर निगम में कार्यरत एक आउटसोर्स कर्मचारी ने पिछले 18 माह से वेतन नहीं मिलने की शिकायत दर्ज कराते हुए न्याय की गुहार लगाई है। कर्मचारी ने अपने वरिष्ठ अधिकारी पर अभद्र व्यवहार, कथित जातिसूचक टिप्पणी और वेतन जारी कराने के बदले धनराशि मांगने जैसे गंभीर आरोप भी लगाए हैं। श्रमिक ने श्रम विभाग एवं संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को आवेदन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच कराने और बकाया वेतन दिलाने की मांग की है।

सात वर्षों से नगर निगम में कर रहे हैं कार्य

आवेदन के अनुसार पन्ना जिले के शाहनगर निवासी सीताराम चौधरी नगर निगम में आउटसोर्स कर्मचारी के रूप में पिछले लगभग सात वर्षों से कार्यरत हैं। वर्तमान में वे पार्क में माली के पद पर सेवाएं दे रहे हैं।सीताराम चौधरी का आरोप है कि पिछले 18 महीनों से उन्हें वेतन का भुगतान नहीं किया गया है, जिससे उनके परिवार की आर्थिक स्थिति गंभीर रूप से प्रभावित हुई है।

वरिष्ठ अधिकारी पर लगाए गंभीर आरोप

शिकायत में कर्मचारी ने आरोप लगाया है कि जब भी उन्होंने अपने वेतन के संबंध में जानकारी लेने का प्रयास किया, तब उनके सुपरवाइजर द्वारा कथित रूप से अभद्र व्यवहार किया गया।आवेदन में यह भी आरोप लगाया गया है कि वरिष्ठ अधिकारी द्वारा जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया गया और वेतन जारी कराने के बदले धनराशि की मांग की गई। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।

आर्थिक संकट से जूझ रहा परिवार

श्रमिक का कहना है कि लंबे समय से वेतन नहीं मिलने के कारण परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति और पारिवारिक जिम्मेदारियों का निर्वहन करना कठिन होता जा रहा है।उन्होंने प्रशासन से अनुरोध किया है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर बकाया वेतन का भुगतान कराया जाए तथा लगाए गए आरोपों की सत्यता की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाए।

अधिकारियों से की कार्रवाई की मांग

आवेदक ने श्रम विभाग और संबंधित अधिकारियों से हस्तक्षेप करते हुए पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते उचित कार्रवाई नहीं की गई तो उन्हें और उनके परिवार को गंभीर आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।

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