टीकमगढ़ में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर हाई स्कूल बन्ने बुजुर्ग में आयोजित कार्यक्रम में शिक्षा और मानवता की एक प्रेरणादायक मिसाल देखने को मिली। ग्राम पड़ुवा की छात्रा भागवती पाल ने कठिन परिस्थितियों के बावजूद 10वीं कक्षा में 85 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। छात्रा की सफलता पर विद्यालय में उसे सम्मानित किया गया।
भागवती पाल ने माता-पिता के सहयोग के बिना अपनी पढ़ाई जारी रखते हुए 10वीं की परीक्षा में शानदार प्रदर्शन किया। उसकी मेहनत और उपलब्धि ने विद्यालय के शिक्षकों एवं उपस्थित लोगों को प्रभावित किया। स्वतंत्रता दिवस समारोह में छात्रा की इस उपलब्धि को विशेष रूप से सराहा गया।
छात्रा के उज्ज्वल भविष्य को ध्यान में रखते हुए सरपंच प्रतिनिधि अंकित गुप्ता ने 11,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी। वहीं पूर्व प्राचार्य हरिशंकर गंगेले ने 5,100 रुपये देकर छात्रा का हौसला बढ़ाया। इस तरह छात्रा को कुल 16,100 रुपये की राशि प्रदान की गई।
इस मौके पर अंकित गुप्ता ने कहा कि शिक्षा बच्चों को आत्मनिर्भर और मजबूत बनाने का सबसे प्रभावी माध्यम है। संघर्ष कर आगे बढ़ने वाले बच्चों की मदद करना समाज की जिम्मेदारी है, ताकि उन्हें अपने सपनों को पूरा करने का अवसर मिल सके।
कार्यक्रम में प्राचार्य मोहनलाल कुशवाहा, शिक्षक महेश जायसवाल, भूपेंद्र सिंग्या, मंडल उपाध्यक्ष नीलू सोनकिया, गोकुल यादव, जमाना कुशवाहा और अनुज यादव सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे। सभी ने छात्रा को शुभकामनाएं देते हुए उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
बन्ने बुजुर्ग में आयोजित कार्यक्रम ने स्वतंत्रता दिवस के उत्सव को सामाजिक सरोकार से भी जोड़ दिया। छात्रा की मेहनत को सम्मान और आर्थिक सहयोग मिलने से शिक्षा, संवेदना और मानवता का संदेश सामने आया। यह पहल अन्य जरूरतमंद विद्यार्थियों को भी आगे बढ़ने के लिए प्रेरित कर सकती है।