भोपाल: शहर की बुनियादी सुविधाओं और स्थानीय समस्याओं को लेकर युवा कांग्रेस ने राष्ट्रव्यापी ‘मेरा शहर, मेरा भाव’ अभियान की शुरुआत की है। अभियान के जरिए वार्ड स्तर की परेशानियों से लेकर भोपाल के मास्टर प्लान और स्मार्ट सिटी से जुड़े मुद्दों को चिन्हित कर जनता और प्रशासन के सामने उठाने की तैयारी है।
अभियान के तहत भोपाल के अलग-अलग वार्डों में स्थानीय समस्याओं की जानकारी जुटाई जाएगी। सड़क, सफाई, जल व्यवस्था और अन्य नागरिक सुविधाओं से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता के आधार पर सामने लाने की बात कही गई है।
कांग्रेस नेता एवं अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव कुणाल चौधरी ने बताया कि अभियान में भोपाल के मास्टर प्लान और स्मार्ट सिटी परियोजना से जुड़े विषयों को भी शामिल किया गया है। उनका कहना है कि विकास योजनाओं के क्रियान्वयन और उनके प्रभाव को लेकर जवाबदेही तय करने की कोशिश की जाएगी।
अभियान की जानकारी देने के दौरान कुणाल चौधरी ने मध्य प्रदेश सरकार पर किसानों की समस्याओं को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश के कई हिस्सों में किसान फसल बेचने और उचित दाम पाने को लेकर परेशान हैं। उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम में किसानों को मंडियों में अपनी उपज बेचने के लिए कई दिनों तक इंतजार करना पड़ा। मूंग और मक्का उत्पादकों को अपेक्षित कीमत नहीं मिलने का आरोप लगाते हुए उन्होंने केले की खेती से जुड़े किसानों की समस्याओं का भी मुद्दा उठाया।
कुणाल चौधरी ने कहा कि ‘मेरा शहर, मेरा भाव’ अभियान के माध्यम से शहर के मुद्दों को केवल राजनीतिक बहस तक सीमित रखने के बजाय उन्हें जनता और प्रशासन के सामने लाया जाएगा। युवा कांग्रेस स्थानीय समस्याओं को लेकर लोगों की आवाज बनने का प्रयास करेगी।
अब देखना होगा कि युवा कांग्रेस का यह अभियान भोपाल के वार्डों में स्थानीय समस्याओं को किस तरह सामने लाता है और प्रशासन की ओर से इन मुद्दों पर क्या कदम उठाए जाते हैं। वहीं किसानों से जुड़े आरोपों पर प्रदेश सरकार की प्रतिक्रिया भी महत्वपूर्ण होगी।