मोहन सरकार 13 दिसंबर को अपने दो वर्ष के कार्यकाल पूर्ण करने जा रही है इस दौरान सरकार आगामी तीन वर्षों की व्यापक कार्ययोजना जारी करेगी। पिछले दो वर्षों में सरकार ने चरणबद्ध तरीके से अपने फोकस क्षेत्रों को परिभाषित किया है। गौरतलब है वित्तीय वर्ष 2023-24 को सुशासन के लिए समर्पित किया गया था, वहीं 2025-26 में निवेश प्रोत्साहन को प्राथमिकता दी गई है। इसके बाद वित्तीय वर्ष 2026-27 को कृषि-आधारित उद्योगों के विकास के लिए निर्धारित किया गया है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अपनी सरकार के दो वर्ष पूरे होने के अवसर पर 12 दिसंबर को जनता के सामने कार्यकाल का लेखा जोखा पेश करेंगे। इस मौके पर वे भोपाल में पत्रकार वार्ता को संबोधित करेंगे। माना जा रहा है कि पत्रकार वार्ता में वे सरकार की दो वर्षों की उपलब्धियों, प्रमुख परियोजनाओं और आगामी कार्ययोजना पर विस्तार से जानकारी साझा करेंगे।
गौरतलब है मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पहले ही सभी विभागों की समीक्षा कर उनकी उपलब्धियों और आगामी तीन वर्षों की कार्ययोजना की विस्तृत जानकारी ले चुके है । इस दौरान प्रदेश में महिलाओं के सशक्तिकरण, कृषि को लाभकारी व्यवसाय बनाने, सड़क और पुल निर्माण, स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार, शिक्षा क्षेत्र में सुधार, कृषि और उद्योग में नवाचार तथा रोजगार सृजन जैसी प्रमुख योजनाओं को शामिल किया गया है। यह आयोजन सरकार की पारदर्शिता और जनता के साथ संवाद को मजबूत करने का महत्वपूर्ण माध्यम होगा।
मुख्यमंत्री की पत्रकार वार्ता के अगले दिन, 13 दिसंबर को, प्रभारी मंत्रीगण अपने-अपने संभागीय और जिला मुख्यालयों में जिला विकास सलाहकार समितियों के साथ बैठक करेंगे। इसके बाद मीडिया को संबोधित कर अपने क्षेत्रों में हुई उपलब्धियों और आगामी योजनाओं की जानकारी देंगे। 14 दिसंबर को बाकी जिलों में भी प्रभारी मंत्री जिला सलाहकार समितियों की बैठक कर पत्रकार वार्ता करेंगे। इस संबंध में सभी जिला कलेक्टरों को निर्देश दिया गया है कि वे जिला स्तर पर हुए कार्य, उपलब्धियां और आगामी कार्ययोजना की पूरी जानकारी साझा करें।
राज्य सरकार ने सभी कलेक्टरों को निर्देशित किया है कि वे- बीते दो वर्षों में किए गए जिला स्तरीय विकास कार्यों, बुनियादी ढांचे, नवाचार, सामाजिक क्षेत्र की उपलब्धियों, उद्योग, कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में हुए सुधार का विस्तृत नोट तैयार कर 11 दिसंबर तक भेजें, ताकि समीक्षा बैठकों में उन्हें प्रमुखता से रखा जा सके।
आदेश के अनुसार जिला स्तरीय कार्यक्रम दो चरणों में होंगे-

प्रभारी मंत्रियों की अध्यक्षता में जिला विकास सलाहकार समिति की बैठक
संभाग / जिला मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस

शेष जिलों में प्रभारी मंत्रियों द्वारा बैठकें
विकास कार्यों की प्रगति पर मीडिया ब्रीफिंग
योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग द्वारा जारी संबंधित आदेश (दिनांक 24 जून 2025) में जिला विकास सलाहकार समितियों के उद्देश्यों को स्पष्ट किया गया है। इनमें शामिल हैं-
जनता और जनप्रतिनिधियों की आवश्यकताओं के अनुसार जिला विकास की दिशा तय करना
केंद्र व राज्य योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन
स्थानीय नवाचारों को प्रोत्साहन
रोजगार व आर्थिक उन्नति के लिए सुझाव
उद्योग, व्यापार, कृषि, जल संरचनाओं, पर्यावरण और खनिज सेक्टर की कार्ययोजनाओं पर विचार
यह समितियाँ वर्ष में कम से कम एक बार अनिवार्य रूप से बैठक करेंगी, जिसका रिकार्ड संधारण कलेक्टर द्वारा किया जाएगा।


दस्तावेज़ अनुसार, प्रत्येक जिले में प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से सरकार बीते दो वर्षों में—
अवसंरचना विकास
निवेश संवर्धन
रोजगार सृजन
सामाजिक योजनाओं
कानून-व्यवस्था में सुधार
जैसी उपलब्धियों की जानकारी साझा करेगी। इसके साथ ही आने वाले वर्ष के लिए प्राथमिकताओं की घोषणा भी की जाएगी।

मोहन सरकार के दो वर्ष पूरे होने पर किए जा रहे ये कार्यक्रम न केवल उपलब्धियों की समीक्षा का अवसर प्रदान करेंगे, बल्कि जनता और प्रशासन के बीच संवाद को भी मजबूत करेंगे। जिला विकास सलाहकार समिति की सक्रियता से स्थानीय आवश्यकताओं को योजनाओं में शामिल करने का मार्ग और अधिक सहज होगा।