भारत में चीन के सामानों और मोबाइल एप्स के खिलाफ जो मुहिम चल रही है उस पर चीनी विशेषज्ञों ने दावा किया है कि भारत के आम लोगों को अब चीनी सामानों के इस्तेमाल की आदत पड़ चुकी है और अब यह सामना और मोबाइल लोगों के जीवन का हिस्सा बन चुके है, इसलिए इन्हे नजरअंदाज करना नामुकिन है।
चीनी विश्लेषकों का मामना है कि भारत में चीन के खिलाफ माहौल बनाने का काम यहां की राष्ट्रवादी सरकार और मीडिया की ओर से किया जा रहा है लेकिन आम आदमी के लिए ऐसा कर पाना आसाम नहीं है।
चीनी जानकारों का मानना है कि चीन के सामनों के बहिष्कार का जो अभियान चल रहा है उससे भारत के आम लोगों की ही मुश्किले बढ़ेगी क्योंकि लोगों के लिए सस्ते चीनी सामान उनकी जरूरतों और आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए बनाए जाते है और अब भारत के लोगों की जरूरत बन चुके है। बाजार में फिलहाल इनका कोई विकल्प नहीं है।
गौरतलब है कि कोरोना फैलने के बाद से खासतौर से चीन के खिलाफ जबरदस्त माहौल बना है। अमेरिका की ओर से चलाए जा रहे चीन विरोधी अभियान का असर भारत में भी दिख रहा है।