भोपालः मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव जंबूरी मैदान भोपाल में राजा हिरदेशाह लोधी जी की स्मृति में आयोजित शौर्य दिवस कार्यक्रम में शामिल हुए। सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राजा हिरदेशाह ने 1842 से जो संकल्प लिया, उसे 1857 तक पूरा किया और अंग्रेजों को कड़ी चुनौती दी। उनका बलिदान आज भी हम सभी के लिए प्रेरणा है। राज्य में सूरज अस्त नहीं होता था इतनी बड़ी बलशाली ताकत अंग्रेजों की थी लेकिन अग्रेजों को यह मालूम नहीं कि मां नर्मदा का भक्त, नर्मदा पुत्र, नर्मदा टाइगर के रूप में जाने वाले राजा हिरदेशाह ने अपने बल बुद्धि पराक्रम से जो इतिहास रचा वह जीते जी धन्य हो गया। हमारे लिए वे सदैव प्रेरणा देते रहेंगे, सदैव आदर्श के रूप में जाने जाते रहे रहेंगे।

डॉ. यादव ने कहा कि आज मैं जब मध्यप्रदेश की अपनी सांस्कृतिक, ऐतिहासिक विरासत की तरफ देखता हूं तो आज के इस समय में ऐसे महापुरुषों को याद करने का जरूरत है, जिनके कारण से हम सदैव अपना मस्तक गर्व से उठा सकते हैं। मुझे प्रसन्नता है कि वीरता और किसान योद्धा यह गौरवशाली परंपरा के बलबूते पर बुंदेला, गौड़, राजगौड़, राजा हिरदेशाह का नेतृत्व और मैं सरकार के मुखिया होने के नाते से यहीं से घोषणा करता हूं कि उनके पूरे संघर्ष पर रिसर्च कराने का काम मध्यप्रदेश सरकार की ओर से कराया जाएगा। उनके जीवन के प्रत्येक घटनाक्रम को लिपिवद्ध करते हुए और शिक्षा विभाग के माध्यम से पाठ्यक्रम का भी हिस्सा बनाया जाएगा। हमारी सरकार बनी और बनने के 6 महीने से भी कम समय में हमने रानी अवंति बाई लोधी के नाम पर सागर में विद्यालय बनाया। यह हमारी सरकार का संकल्प है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने राज हिरदेशाह के लिए न केवल पाठ्यक्रम की बात की, नर्मदा जी के किनारे हीरापुर में भी अगर तीर्थ बनाना है तो सरकार पैसा लगाएगी और उसको भी तीर्थ बनाया जाएगा। हमारी सरकार प्रत्येक नगरीय निकायों में गीता भवन बनाए जा रहे हैं। गीता हम सबके लिए पवित्र ग्रंथ है और जनपद के अंदर एक वृंदावन गांव, ऐसी बहुत सारी योजनाएं हैं जिन पर हम काम कर रहे हैं। और हमारे लिए तमाम प्रकार के ऋषि मुनियों, लेखकों के साथ जिस प्रकार से यह गैरवशाली मंच है आज दिन को वाकई पवित्र है।