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बुरहानपुर के केले को मिला जीआई टैग, किसानों को मिलेगा नई पहचान और बेहतर बाजार

बुरहानपुर के प्रसिद्ध केले को भौगोलिक संकेतक (जीआई) टैग मिलने से जिले को नई पहचान मिली है। इस मान्यता से किसानों को बेहतर बाजार और उपज का अधिक मूल्य मिलने की संभावना बढ़ गई है। कृषि विशेषज्ञों और जनप्रतिनिधियों ने इसे किसानों की मेहनत और जिले की बड़ी उपलब्धि बताया है।

By: Nivedita 
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बुरहानपुर के केले को मिला जीआई टैग, किसानों को मिलेगा नई पहचान और बेहतर बाजार

मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले के लिए एक बड़ी उपलब्धि सामने आई है। जिले के प्रसिद्ध केले को भौगोलिक संकेतक (जीआई) टैग प्रदान किया गया है। इस मान्यता के बाद बुरहानपुर का केला अपनी विशिष्ट गुणवत्ता और भौगोलिक पहचान के साथ देश-विदेश के बाजारों में अलग पहचान बनाएगा। इस उपलब्धि से किसानों के साथ-साथ पूरे जिले में खुशी का माहौल है।

किसानों को मिलेगा बेहतर मूल्य

जीआई टैग मिलने के बाद बुरहानपुर के केले की बाजार में विश्वसनीयता और मांग बढ़ने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य प्राप्त हो सकेगा। साथ ही नकली या दूसरे क्षेत्रों के उत्पादों से होने वाली प्रतिस्पर्धा में भी कमी आएगी, जिससे स्थानीय किसानों को सीधा लाभ मिलेगा।

गुणवत्ता और स्वाद के लिए पहले से प्रसिद्ध है बुरहानपुर का केला

बुरहानपुर का केला लंबे समय से अपनी गुणवत्ता, स्वाद और उत्पादन क्षमता के लिए जाना जाता रहा है। यही वजह है कि यह फसल जिले की प्रमुख कृषि उपज में शामिल है। एक जिला-एक उत्पाद योजना के अंतर्गत भी केले को विशेष महत्व दिया गया है। अब जीआई टैग मिलने से इसकी पहचान और अधिक मजबूत हो गई है।

 

विधायक ने बताया किसानों की मेहनत का परिणाम

इस उपलब्धि पर क्षेत्र की विधायक अर्चना चिटनिस ने खुशी जताते हुए कहा कि यह जिले के किसानों की अथक मेहनत, कृषि विशेषज्ञों के मार्गदर्शन और विभिन्न विभागों के संयुक्त प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि जीआई टैग मिलने से किसानों को नए बाजारों तक पहुंच बनाने में मदद मिलेगी और उनकी आय में वृद्धि की संभावनाएं बढ़ेंगी।

कृषि अर्थव्यवस्था को मिलेगी मजबूती

जीआई टैग मिलने के बाद बुरहानपुर के केले को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में नई पहचान मिलने की उम्मीद है। इससे जिले की कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। किसानों और कृषि क्षेत्र से जुड़े लोगों का मानना है कि यह उपलब्धि आने वाले समय में क्षेत्र के विकास और समृद्धि का आधार बनेगी।

 

रिपोर्ट – राजू सिंह राठौड़

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